रांची: राजधानी से लगभग 60 किलोमीटर दूर सिल्ली थाना क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक लकड़बग्घा अचानक रिहायशी इलाके में घुस आया। उसे इधर-उधर दौड़ते देख स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पतराहातू गांव स्थित एक सरकारी स्कूल के स्टोर रूम से लकड़बग्घे को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
रांची के डीएफओ श्रीकांत ने ईटीवी भारत को बताया कि लकड़बग्घा पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित है। उसे ओरमांझी स्थित बिरसा मुंडा चिड़ियाघर में शिफ्ट कर दिया गया है। रिहायशी क्षेत्र में उसके घुसने की खबर मिलते ही टीम को अलर्ट किया गया था। इसी दौरान वह स्कूल के स्टोर रूम में जा घुसा, जहां उसे पकड़ने के लिए केज लगाया गया। रेस्क्यू के दौरान मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई थी।
राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और लकड़बग्घा भी पूरी तरह सुरक्षित रहा। जैसे ही वह रिहायशी इलाके में नजर आया, लोगों ने उसे वहां से खदेड़ने की कोशिश की। जिस स्थान से रेस्क्यू किया गया, वह इलाका पश्चिम बंगाल की सीमा से सटा हुआ है।
गौरतलब है कि इसी क्षेत्र से करीब 5 किलोमीटर दूर जून 2025 में एक बाघ का भी रेस्क्यू किया गया था। जंगल से भटक कर वह बाघ सिल्ली थाना क्षेत्र के मारदू गांव में पूरण चंद महतो के घर में घुस गया था, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। हालांकि तब भी किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ था। बाद में वन विभाग की टीम ने बाघ को सुरक्षित बाहर निकालकर पहले ओरमांझी जू में इलाज कराया और फिर पलामू टाइगर रिजर्व में छोड़ दिया था।
