31 मार्च 2026, मंगलवार को वैदिक हिन्दू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि प्रातः 06:55 तक रहेगी, जिसके बाद चतुर्दशी प्रारंभ होगी। इस दिन महावीर स्वामी जयंती का पर्व मनाया जाएगा और कई शुभ मुहूर्त भी निर्धारित हैं।
31 मार्च 2026 का वैदिक हिन्दू पंचांग
वैदिक हिन्दू पंचांग के अनुसार 31 मार्च 2026, मंगलवार का दिन चैत्र मास के शुक्ल पक्ष में आता है। इस दिन विक्रम संवत् 2083, उत्तरायण अयन और वसंत ऋतु चल रही है।
तिथि के अनुसार, त्रयोदशी प्रातः 06:55 तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी प्रारंभ हो जाएगी। नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी दोपहर 03:20 तक रहेगा, तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र प्रभावी होगा।
योग, राहुकाल और शुभ मुहूर्त
इस दिन गण्ड योग दोपहर 03:41 तक रहेगा, जिसके बाद वृद्धि योग प्रारंभ होगा। राहुकाल दोपहर 03:37 से शाम 05:09 तक रहेगा (उज्जैन मानक समयानुसार)।
सूर्योदय सुबह 06:20 बजे और सूर्यास्त शाम 06:42 बजे होगा। ब्रह्ममुहूर्त प्रातः 04:47 से 05:34 तक रहेगा।
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 से 12:56 तक और निशिता मुहूर्त मध्यरात्रि 12:07 से 12:54 तक निर्धारित है। दिशा शूल उत्तर दिशा में रहेगा।
व्रत और विशेष पर्व
31 मार्च 2026 को महावीर स्वामी जयंती का पर्व मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चतुर्दशी के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल के तेल का सेवन और उपयोग निषिद्ध माना गया है।
गोदुग्ध के लाभ
गोदुग्ध में कैल्शियम की प्रचुर मात्रा पाई जाती है, जो दांतों और हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक होती है। बच्चों के विकास के लिए नियमित दूध का सेवन उपयोगी माना गया है।
दूध में पाए जाने वाले तत्व विभिन्न रोगों के जोखिम को कम करने में सहायक बताए जाते हैं, जिनमें हृदय और रक्तचाप से संबंधित समस्याएं शामिल हैं।
आयुर्वेद के अनुसार, दूध में मौजूद केरोटिन आंखों की रोशनी के लिए लाभकारी होता है। बच्चों के लिए यह विटामिन ‘ए’ का एक महत्वपूर्ण स्रोत माना गया है।
इसके अतिरिक्त, दूध का सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और रक्त निर्माण में सहायक बताया गया है।
सावधानियां
विशेष परिस्थितियों में दूध के सेवन से बचने की सलाह दी गई है। इनमें बुखार, त्वचा रोग, दस्त, कृमि, गठिया, दमा और खांसी जैसी समस्याएं शामिल हैं।
