भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “विष्णु का अवतार” कहा। उन्होंने यह सम्मान तब दिया जब मोदी ने सरकार के प्रमुख के तौर पर जनसेवा के 25 साल पूरे किए। दिल्ली और थिम्पू के बीच संबंधों पर भी उन्होंने जोर दिया।
भूटान PM का बड़ा बयान
भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “विष्णु का अवतार” बताया। उन्होंने यह सम्मान मोदी के सरकार प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे होने पर दिया। तोबगे ने कहा कि यह नाम उन्होंने हल्के अंदाज़ में नहीं लिया, बल्कि मोदी की नीतियों और कामकाज को देखकर उनकी सोच सही साबित हुई।
सांस्कृतिक और बौद्ध परंपरा से जोड़
तोबगे ने मोदी के नेतृत्व को हिमालयी परंपराओं और बौद्ध विरासत से जोड़ा। उन्होंने ‘रिगसुम गोनपो’ की अवधारणा का उल्लेख किया, जो ज्ञान, करुणा और साहस का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि असरदार शासन के लिए इन गुणों का मेल जरूरी है।
गुजरात से राष्ट्रीय नेतृत्व तक
तोबगे ने मोदी के सफर पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुजरात में 13 साल तक नेतृत्व करने से लेकर भारत में राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक बदलाव तक उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि असली राज्यकाज वही है, जिसमें सामाजिक और आर्थिक ढांचे में बदलाव लागू किया जाए।
भारत-भूटान संबंधों पर जोर
तोबगे ने मोदी की जून 2014 की भूटान यात्रा को याद किया, जब उन्होंने “B4B: भारत फ़ॉर भूटान, भूटान फ़ॉर भारत” का नारा दिया था। भारत की विकास सहायता ने भूटान की पंचवर्षीय योजनाओं में मदद की। उन्होंने यह भी कहा कि भूटान के लोग खुश हुए जब राजा ने मोदी को ‘ऑर्डर ऑफ़ द ड्रुक ग्यालपो’ से सम्मानित किया।
25 साल पूरे होने का महत्व
मोदी ने अक्टूबर 2001 से गुजरात के मुख्यमंत्री और अब प्रधानमंत्री के रूप में 25 साल पूरे किए हैं। तोबगे ने कहा कि भारत की तरक्की क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करती है और “विकसित भारत का मतलब है विकसित भूटान।” उन्होंने ‘सबका प्रयास’ को मोदी की सबसे अहम उपलब्धि बताया।
