केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि E20 पेट्रोल के खिलाफ विरोध एक पैसे देकर चलाया गया प्रायोजित अभियान था। यह बयान केंद्र सरकार द्वारा 100% एथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल (E100) को मंजूरी दिए जाने के बाद आया है, साथ ही उन्होंने देश में हाईवे नेटवर्क के विस्तार की जानकारी भी दी।
नितिन गडकरी बोले- E20 फ्यूल के खिलाफ पैसे देकर चलाया गया प्रोपेगेंडा
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने E20 पेट्रोल के खिलाफ हुए विरोध को पैसे देकर चलाया गया अभियान बताया है। उन्होंने कहा कि करीब तीन महीने पहले इस ईंधन को लेकर काफी शोर मचाया गया था, लेकिन अब विरोध कम हो गया है। उनका यह बयान केंद्र सरकार की ओर से 100% एथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल (E100) के इस्तेमाल को मंजूरी दिए जाने के एक दिन बाद आया है।
E20 ईंधन में 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल होता है। इसके इस्तेमाल को लेकर कुछ वाहन मालिकों ने चिंता जताई थी। उनका दावा था कि खासकर 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों में E20 के कारण माइलेज घटने, मेंटेनेंस खर्च बढ़ने और इंजन के पुर्जों पर असर पड़ने जैसी समस्याएं आ रही हैं। गडकरी ने इस विरोध को प्रायोजित अभियान करार दिया।
सरकार ने E100 फ्यूल को दी मंजूरी और हाईवे का विस्तार
केंद्र सरकार ने सोमवार को 100% एथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल यानी E100 के इस्तेमाल को मंजूरी दी। नए नियमों के तहत इस ईंधन का उपयोग केवल उन्हीं वाहनों में किया जा सकेगा, जिन्हें कंपनियों ने विशेष रूप से E100 के अनुकूल बनाया है।
इसके अलावा, नितिन गडकरी ने देश के सड़क नेटवर्क की प्रगति का जिक्र करते हुए बताया कि भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई 2014 के 91,287 किलोमीटर से बढ़कर 2026 में 1.46 लाख किलोमीटर हो गई है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले दो महीनों में काम शुरू होने के बाद दिल्ली से हरिद्वार की यात्रा मात्र 90 मिनट में पूरी हो सकेगी।
