30 अक्टूबर 2026 को भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात ‘अर्णब’ के अवशेषों (डिप्रेशन) के प्रभाव से बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में मौसम बेहद संवेदनशील रहेगा। इन राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात की प्रबल संभावना है, जिसके चलते मौसम विभाग ने कई जिलों में अलर्ट जारी किया है।
बिहार (Bihar) – अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट
- मुख्य चेतावनी: उत्तर बिहार में चक्रवात अर्णब के प्रभाव से अत्यधिक भारी बारिश (Extremely Heavy Rain) और आंधी-तूफान की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग ने पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर और दरभंगा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
- तापमान: राजधानी पटना और आसपास के क्षेत्रों में अधिकतम तापमान लगभग 23°C और न्यूनतम तापमान 22°C के आसपास रहेगा। वातावरण में नमी (ह्यूमिडिटी) 93% से अधिक रहेगी।
- हवा की गति: पूरे राज्य में 40-50 किमी/घंटा (झोंकों के साथ 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक (वज्रपात) के साथ व्यापक बारिश की संभावना है।
झारखंड (Jharkhand) – बादल और भारी बारिश
- मुख्य चेतावनी: झारखंड के अलग-अलग (Isolated) हिस्सों में भारी बारिश (Heavy Rainfall) और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।
- तापमान: रांची और आसपास के इलाकों में अधिकतम तापमान 23°C और न्यूनतम तापमान 21°C रहेगा, जिससे मौसम में काफी ठंडक महसूस होगी।
- दिन की स्थिति: आसमान में पूरी तरह घने बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर के बीच बारिश की संभावना 65% तक बनी रहेगी। हवा दक्षिण-पूर्व दिशा से 11-18 किमी/घंटा की गति से चलेगी।
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) – आंधी और तेज हवाएं
- मुख्य चेतावनी: चूंकि चक्रवात का डिप्रेशन केंद्र छत्तीसगढ़ के जगदलपुर के पास ही केंद्रित रहा है, इसलिए राज्य में आंधी-तूफान, तीव्र बिजली कड़कने (Thunderstorm with Lightning) और तेज सतही हवाओं का प्रकोप रहेगा।
- तापमान: रायपुर और मध्य छत्तीसगढ़ में धूप-छांव के बीच अधिकतम तापमान 28°C तक जा सकता है और न्यूनतम तापमान 21°C रहेगा। हालांकि, दक्षिणी छत्तीसगढ़ (बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर) में पारा काफी गिरा रहेगा।
- हवा की चेतावनी: छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है। सुबह से दोपहर के दौरान गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है।
कृषि और सुरक्षा सलाह
खराब मौसम, तेज हवाओं और वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी को देखते हुए, मौसम विभाग ने सलाह दी है कि लोग बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। खेतों में काम करते समय पेड़ों या असुरक्षित ऊंचे ढांचों के नीचे शरण न लें।
