दरभंगा, बिहार: केंद्रीय कैबिनेट ने 25 मार्च को दरभंगा एम्स निर्माण परियोजना के लिए ₹700 करोड़ के अतिरिक्त बजट को मंजूरी दे दी है। यह वित्तीय सहायता उत्तर बिहार, मिथिला, सीमांचल और पड़ोसी देश नेपाल के सीमावर्ती जिलों में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रदान की गई है, जिससे करोड़ों लोगों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।
केंद्र सरकार ने दरभंगा एम्स के लिए जारी किया अतिरिक्त बजट
Bharat Manthan Live News: केंद्रीय कैबिनेट की हालिया बैठक में दरभंगा एम्स निर्माण कार्य को गति देने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है। पूर्व में स्वीकृत ₹1264 करोड़ के अतिरिक्त, अब ₹700 करोड़ की नई वित्तीय मंजूरी प्रदान की गई है। इस निर्णय से परियोजना की कुल लागत और संसाधनों में बढ़ोतरी होगी, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी सुधार की उम्मीद
स्थानीय सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर के अनुसार, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री मनसुख मांडविया ने लोकसभा में इस महत्वपूर्ण बजट आवंटन की घोषणा की। इस संस्थान के क्रियान्वयन से उत्तर बिहार के मिथिला क्षेत्र और सीमांचल के 14 जिलों के साथ-साथ नेपाल के 15 जिलों के नागरिकों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।
निर्माण कार्य का विवरण और समयसीमा
दरभंगा एम्स निर्माण वर्तमान में बांध रोड के समीप 37.82 एकड़ भूमि पर संचालित है। परियोजना का लक्ष्य 1 मई 2025 तक निर्माण कार्य पूरा करना निर्धारित किया गया है। उल्लेखनीय है कि बिहार सरकार ने इस संस्थान के लिए 183 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई थी, जबकि कुल 403 एकड़ क्षेत्र में संस्थान के विभिन्न विंग्स का विकास किया जा रहा है।
अस्पताल की आधुनिक सुविधाएं और क्षमता
निर्माणाधीन एम्स परिसर में कुल 750 बेड की क्षमता होगी। स्वास्थ्य सुविधाओं का विवरण निम्नलिखित है:
- आईसीयू बेड: 80
- आईसीसीयू बेड: 25
- सीसीयू बेड: 30
- ऑपरेशन थिएटर: 20
- विशेषज्ञ विभाग: 15 सुपर स्पेशलिटी और 12 मेडिकल विभागों को मंजूरी।
प्रारंभिक चरण में संस्थान के भीतर 25 अलग-अलग विभागों का संचालन शुरू किया जाएगा।
चिकित्सा शिक्षा और रोजगार के अवसर
संस्थान न केवल स्वास्थ्य सेवा बल्कि चिकित्सा शिक्षा का भी केंद्र बनेगा। यहाँ एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए 50 सीटों की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, सुचारू संचालन के लिए 125 मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस परियोजना का भूमि पूजन किए जाने के बाद अब केंद्र सरकार निर्माण कार्य को अंतिम रूप देने में जुटी है।
