मुरशिदाबाद के सम्सेरगंज में 5 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी के बागी विधायक मोनिरुल इस्लाम को चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “नामांकन वापस करो, वरना निलंबन होगा।” यह संदेश पार्टी के भीतर किसी भी विद्रोह को रोकने के लिए दिया गया।
ममता बनर्जी का पार्टी बागी विधायक को अल्टीमेटम
सम्सेरगंज में त्रिनमूल कांग्रेस की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार की दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा, “यदि आवश्यक हुआ, तो निष्कासन अपरिहार्य है।” इस सार्वजनिक सभा में उन्होंने केवल वोट मांगने तक सीमित न रहकर, पार्टी के भीतर विद्रोह के खिलाफ सख्त संदेश भी दिया।
मोनिरुल इस्लाम पर विशेष निशाना
इस बार ममता बनर्जी का लक्ष्य मौजूदा विधायक मोनिरुल इस्लाम थे, जिन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया है। मंच से उन्होंने कहा, “नामांकन वापस करो, या निलंबन का सामना करना पड़ेगा।”
इस चेतावनी से उपस्थित पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में स्पष्ट तनाव देखा गया।
संगठनात्मक कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने तुरंत जंगीपुर संगठन जिला अध्यक्ष खलीलुर रहमान को किसी भी पार्टी-विरोधी गतिविधि के खिलाफ कड़ा कदम उठाने का आदेश दिया।
उन्होंने पुनः कहा, “मैं पार्टी के भीतर किसी को परेशानी पैदा करने की अनुमति नहीं दूंगी।”
शून्य सहिष्णुता नीति का स्पष्ट संदेश
ममता बनर्जी ने पार्टी की “जीरो टॉलरेंस” नीति को स्पष्ट किया और कहा कि आवश्यक होने पर निष्कासन विकल्प भी अपनाया जाएगा।
मोनिरुल इस्लाम का विवादित इतिहास
सूत्रों के अनुसार, मोनिरुल इस्लाम 2021 में फरक्का से जीतने के बाद से कई विवादों में रहे हैं। प्रशासनिक कार्यालयों में कथित तोड़फोड़ जैसी घटनाओं ने राज्य नेतृत्व में असंतोष बढ़ाया। इस बार पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया, जिसके बाद उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव में प्रवेश किया।
मुख्यमंत्री की चेतावनी के बाद स्थानीय लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि क्या मोनिरुल इस्लाम अपना नामांकन वापस लेंगे।
