बेगूसराय में सफलता संगोष्ठी, छात्रों को दिए सफलता के मंत्र

बेगूसराय में आयोजित सफलता संगोष्ठी में छात्रों को संबोधित करते डॉ. जंग बहादुर पांडेय

बेगूसराय में 14 अप्रैल 2026 को संकल्प साइंस क्लासेस द्वारा “सफलता के मंत्र” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य अतिथि डॉ. जंग बहादुर पांडेय ने छात्रों को नमन और मनन के महत्व को समझाते हुए सफलता के मूल सिद्धांत बताए।

बेगूसराय में “सफलता के मंत्र” संगोष्ठी का आयोजन

बेगूसराय में संकल्प साइंस क्लासेस के तत्वावधान में 14 अप्रैल 2026 को विद्यार्थियों के लिए “सफलता के मंत्र” विषय पर एक दिवसीय विशेष संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में ज्ञान, प्रेरणा और भारतीय संस्कृति से जुड़े विचार प्रस्तुत किए गए।

डॉ. जे. बी. पांडेय ने बताए सफलता के मूल सिद्धांत

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रांची विश्वविद्यालय के पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. जंग बहादुर पांडेय ने विद्यार्थियों को सफलता का मूल मंत्र समझाया। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिए ज्ञान आवश्यक है और इसके लिए श्रद्धा, तत्परता और इंद्रिय-निग्रह जरूरी हैं।

उन्होंने “नमन और मनन” को ज्ञान प्राप्ति का आधार बताते हुए इसे सफलता की कुंजी बताया।

प्रेरक संदेश और सांस्कृतिक उदाहरण

डॉ. पांडेय ने कार्यक्रम के दौरान प्रेरक कविताएं भी प्रस्तुत कीं और माता-पिता के सम्मान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रणाम और आशीर्वाद जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

महाभारत के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने द्रौपदी और भीष्म पितामह के उदाहरण से प्रणाम की शक्ति को समझाया। साथ ही भगवान श्रीराम के आदर्शों का भी उल्लेख किया।

14 अप्रैल के महत्व पर प्रकाश

उन्होंने भारतीय परंपरा में 14 अंक के महत्व को भी विस्तार से बताया। इसमें 14 भुवन, समुद्र मंथन के 14 रत्न और अन्य धार्मिक संदर्भ शामिल किए गए।

उन्होंने यह भी बताया कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्मदिन 14 अप्रैल को होने से इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है।

अनुशासन और संस्कार पर जोर

विशिष्ट अतिथि प्रधानाध्यापक विवेकानंद शर्मा ने छात्रों को अनुशासन का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिए अनुशासन पहली शर्त है।

कार्यक्रम में वरीय संस्कृत शिक्षक डॉ. महेश राय, गोविंदपुर के मुखिया राम मूर्ति चौधरी और सामाजिक कार्यकर्ता राजीव कुमार वत्स भी मौजूद रहे।

छात्रों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही वरीय शिक्षिका पूजा कुमारी ने कहा कि आचार, विचार और संस्कार छात्रों के जीवन की नींव हैं।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रमाण पत्र, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम का संचालन विवेक शांडिल्य ने किया, जबकि स्वागत गीत छात्रों द्वारा प्रस्तुत किया गया। फोटोग्राफी की जिम्मेदारी उत्तम कुमार और नवनीत कुमार ने निभाई।

अंत में धन्यवाद ज्ञापन नीसू कुमारी ने किया और कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान एवं शांति पाठ के साथ हुआ।

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