भागलपुर जिले के व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में आयोजित इस अदालत के माध्यम से विभिन्न लंबित वाद-विवादों का ऑन-द-स्पॉट निपटारा किया गया। इस बार भागलपुर, नवगछिया और कहलगांव में कुल 31 बेंचों के माध्यम से जन समस्याओं की सुनवाई की गई।
भागलपुर व्यवहार न्यायालय में उमड़ी भीड़, लोक अदालत के माध्यम से त्वरित न्याय
भागलपुर जिले में न्यायिक प्रक्रिया को सुलभ और त्वरित बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। Bharat Manthan Live News के अनुसार, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशों के आलोक में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।
भागलपुर, नवगछिया और कहलगांव में बिठाई गईं 31 बेंच
लोक अदालत में मामलों के कुशल निष्पादन के लिए जिले भर में व्यापक व्यवस्था की गई थी। भागलपुर मुख्यालय में सबसे अधिक 22 बेंच लगाई गईं। इसके अलावा, अनुमंडल स्तर पर नवगछिया में 7 बेंच और कहलगांव में 2 बेंचों के माध्यम से विभिन्न सुलहनीय वाद-विवादों की सुनवाई कर उनका निपटारा किया गया।
पहली बार ट्रैफिक चालान के लिए विशेष बेंच
इस बार की लोक अदालत की मुख्य विशेषता ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों की सुनवाई रही। Bharat Manthan Live News को मिली जानकारी के मुताबिक, पहली बार ट्रैफिक चालान के निपटारे हेतु अलग से बेंच लगाई गई थी। इस बेंच के लिए जिला स्कूल में विशेष व्यवस्था की गई, जहाँ परिवहन विभाग के पदाधिकारी और ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे ताकि लोग सुगमता से अपने चालान का भुगतान कर सकें।
न्यायिक अधिकारियों और पदाधिकारियों की उपस्थिति
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव के नेतृत्व में आयोजित इस लोक अदालत में बड़ी संख्या में वादकारी पहुंचे। इसमें मुख्य रूप से बैंक ऋण, बिजली बिल, पारिवारिक विवाद और दीवानी मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया। लोक अदालत के माध्यम से लोगों को न केवल सस्ता और सुलभ न्याय मिला, बल्कि अदालतों पर लंबित मामलों का बोझ भी कम हुआ।
