बिहार के नवादा जिले में जंगली हाथियों का कहर जारी है। मंगलवार तड़के कौआकोल थाना क्षेत्र के बिंदी चक गांव में हाथियों के झुंड ने 60 वर्षीय राजाराम पासवान को कुचलकर मार डाला। जिले में बीते एक महीने के भीतर हाथी के हमले में जान गंवाने वालों की यह पांचवीं घटना है।
नवादा में जंगली हाथियों का तांडव: बिंदी चक में वृद्ध की दर्दनाक मौत
नवादा जिले के ग्रामीण इलाकों में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला गोविंदपुर विधानसभा क्षेत्र के कौआकोल थाना अंतर्गत बिंदी चक गांव का है, जहां मंगलवार तड़के करीब 3 बजे हाथियों ने एक वृद्ध को अपना शिकार बनाया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त है।
खेत में सो रहे वृद्ध पर हाथियों का हमला
मृतक की पहचान बिंदी चक निवासी 60 वर्षीय राजाराम पासवान (पिता स्व. लखन पासवान) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, राजाराम अपने खेत में बने कमरे में सो रहे थे, जहां मूंग की फसल लगी हुई थी। इसी दौरान हाथियों के एक झुंड ने वहां पहुंचकर उन पर हमला कर दिया। हाथियों ने उन्हें इस कदर कुचला कि शव की पहचान करना कठिन हो गया, जिसे बाद में कपड़ों के आधार पर पहचाना गया।
एक महीने में पांच लोगों ने गंवाई जान
भारत मंथन लाइव न्यूज के आंकड़ों के अनुसार, नवादा के रजौली और गोविंदपुर क्षेत्रों में बीते एक महीने के भीतर हाथियों के हमले में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा हाथियों ने तीन मवेशियों को भी मार डाला है। ग्रामीणों का कहना है कि यह झुंड जमुई जिले की सीमा से होते हुए कौआकोल के पूर्वी इलाके में दाखिल हुआ है। झुंड ने बिंदी चक हनुमान मंदिर के पास कई घरों को भी नुकसान पहुँचाया है।
मुआवजे की मांग और प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल
मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि राजाराम के तीन बेटों की शादी अभी बाकी थी। मृतक के भतीजे और स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अविलंब मुआवजे की मांग की है। लगातार हो रही इन घटनाओं से स्थानीय लोगों में वन विभाग और प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने मांग की है कि हाथियों को रिहायशी इलाकों से दूर भगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
