सीबीआई (CBI) ने बुधवार को NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जयपुर, गुरुग्राम और नासिक से पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी ने देश भर में कई ठिकानों पर छापेमारी की और प्रश्नपत्रों के प्रसार का पता लगाने के लिए डिजिटल उपकरण जब्त किए। यह कार्रवाई “गेस पेपर” में परीक्षा के 120 प्रश्न मिलने के बाद की गई है।
NEET-UG जांच में CBI की बड़ी कार्रवाई, नासिक और जयपुर से गिरफ्तारियां
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच तेज कर दी है। बुधवार को एजेंसी ने देश के विभिन्न हिस्सों से पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया। इनमें से तीन आरोपी जयपुर से, एक गुरुग्राम से और एक नासिक से पकड़ा गया है। कई अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ की जा रही है और जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
नासिक से गिरफ्तार 30 वर्षीय शुभम खैरनार को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया जा रहा है। राजस्थान पुलिस के अनुरोध पर नासिक पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था, जिसके बाद अब सीबीआई उससे पूछताछ करेगी।
डिजिटल साक्ष्यों की जांच और NTA मुख्यालय में छापेमारी
Bharat Manthan Live News के अनुसार, सीबीआई ने छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन और लैपटॉप जैसे कई डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। इन उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा ताकि उन मैसेजिंग ऐप्स का पता लगाया जा सके जिनके जरिए प्रश्न पत्र प्रसारित किए गए थे।
बुधवार को सीबीआई की टीम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मुख्यालय भी पहुंची। वहां टीम ने 3 मई को हुई परीक्षा से संबंधित दस्तावेज एकत्र किए और परीक्षा प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों से पूछताछ की।
राजस्थान SOG के इनपुट पर कार्रवाई
सीबीआई इस मामले में राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के साथ समन्वय कर रही है। एसओजी ने अपनी प्रारंभिक जांच में दावा किया था कि परीक्षा से पहले केमिस्ट्री का एक “गेस पेपर” प्रसारित किया गया था, जिसमें लगभग 410 प्रश्न थे। इनमें से लगभग 120 प्रश्न वास्तविक परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से मिलते-जुलते थे।
3 मई को आयोजित इस परीक्षा के लिए लगभग 23 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया था। 7 मई को गड़बड़ी की शिकायतें मिलने के बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया था। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले की पूरी तरह निष्पक्ष और पेशेवर जांच के लिए प्रतिबद्ध है।
