रांची के बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान मेसरा (BIT Mesra) के प्रबंधन अध्ययन विभाग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम (STTP 2026) का पहला दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विभागाध्यक्ष प्रो. संजय कुमार झा के मार्गदर्शन में शुरू हुई इस कार्यशाला का उद्देश्य शोधार्थियों को आधुनिक अनुसंधान पद्धतियों और उन्नत विश्लेषणात्मक उपकरणों की व्यावहारिक समझ प्रदान करना है।
रांची के BIT मेसरा में पांच दिवसीय अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आगाज
रांची: बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान मेसरा के प्रबंधन अध्ययन विभाग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम (एसटीटीपी 2026) का प्रथम दिवस सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। “अनुसंधान पद्धति एवं बहुविविध विश्लेषण की उन्नत तकनीकें” विषय पर आधारित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को आधुनिक अनुसंधान पद्धतियों की वैचारिक और व्यावहारिक समझ प्रदान करना है।
यह कार्यक्रम शैक्षणिक एवं औद्योगिक शोध में व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले विभिन्न विश्लेषणात्मक उपकरणों पर केंद्रित है। इस पहल का आयोजन प्रबंधन अध्ययन विभागाध्यक्ष प्रो. संजय कुमार झा के मार्गदर्शन और शैक्षणिक नेतृत्व में किया जा रहा है।
डेटा विश्लेषण और आधुनिक विश्लेषणात्मक उपकरणों पर विशेष जोर
उद्घाटन सत्र में उपस्थित डॉ. कुमार संजय सावरनी ने समकालीन शोध एवं निर्णय-निर्माण प्रक्रियाओं में बहुविविध डेटा विश्लेषण के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एसटीटीपी 2026 एक ऐसा विशिष्ट शैक्षणिक मंच है, जहां स्नातक, स्नातकोत्तर विद्यार्थी, शोधार्थी एवं शिक्षण समुदाय एक साथ आकर अपनी समझ को सुदृढ़ कर रहे हैं।
“आधुनिक शोध प्रक्रियाओं में सहसंबंध एवं प्रतिगमन विश्लेषण हेतु SPSS तथा संरचनात्मक समीकरण मॉडलिंग हेतु SmartPLS जैसे विश्लेषणात्मक उपकरणों की उपयोगिता महत्वपूर्ण है।”
उद्घाटन सत्र के दौरान संस्थान के डॉ. सत्राजीत चौधरी, डॉ. सैयद अनीस हैदर, डॉ. सुजाता प्रियंबदा दास, डॉ. प्रशांत कुमार सिंह तथा प्रांजल कुमार भी गरिमामयी रूप से उपस्थित रहे।
उषा मार्टिन विश्वविद्यालय और बीआईटी लालपुर के शोधार्थियों ने लिया हिस्सा
इस पांच दिवसीय कार्यशाला में रांची के विभिन्न प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के शोधार्थियों और छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया है। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से उषा मार्टिन विश्वविद्यालय और बीआईटी लालपुर सहित अन्य संस्थानों के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रथम तकनीकी सत्र के मुख्य वक्ता डॉ. अरविंद हंस रहे, जिन्होंने “अनुसंधान पद्धति की आधारभूत अवधारणाएं” विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने अनुसंधान के अर्थ, महत्व, शोध परिवेश, कारणात्मक अनुसंधान, अन्वेषणात्मक अनुसंधान तथा अनुसंधान के उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की। विभिन्न गतिविधियों एवं सहभागितापूर्ण अभ्यासों के माध्यम से इस सत्र को विविध शैक्षणिक पृष्ठभूमि से आए प्रतिभागियों के लिए संवादात्मक और उपयोगी बनाया गया।
