दक्षिण पूर्व रेलवे की जोनल रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (ZRUCC) की कोलकाता में हुई बैठक में झारखंड के रेल यात्रियों के लिए रांची से रामेश्वरम, सूरत और ऋषिकेश सहित कई नई ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव रखा गया है. इस उच्चस्तरीय बैठक में राजधानी एक्सप्रेस को दैनिक करने और रेल सुविधाओं में विस्तार की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई.
झारखंड रेल कनेक्टिविटी: रांची से देश के प्रमुख शहरों के लिए नई ट्रेनों की तैयारी
झारखंड के रेल यात्रियों के लिए एक सकारात्मक खबर सामने आई है. दक्षिण पूर्व रेलवे की जोनल रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (ZRUCC) की कोलकाता में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में रांची से देश के विभिन्न महत्वपूर्ण शहरों के लिए नई ट्रेनों के संचालन का आधिकारिक प्रस्ताव रखा गया है. इस बैठक में झारखंड के रेल यात्रियों की लंबे समय से लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया गया, जिससे राज्य की रेल कनेक्टिविटी को आने वाले समय में एक नई दिशा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है.
बैठक के दौरान जेडआरयूसीसी (ZRUCC) के वरिष्ठ सदस्य अरुण जोशी ने रांची से रामेश्वरम, सूरत-अहमदाबाद और योग नगरी ऋषिकेश के लिए नई ट्रेनों के परिचालन की विशेष मांग रखी. इसके अतिरिक्त यात्रियों की सुविधा के लिए रांची-पुणे (हडपसर), रांची-रायपुर वंदे भारत, हटिया-बड़बिल फास्ट मेमू, हटिया-एसएमवीटी बेंगलुरु सुपरफास्ट और हटिया-सिकंदराबाद स्पेशल ट्रेन को भी नियमित रूप से चलाने का प्रस्ताव बैठक में पेश किया गया.
रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाने और समय बदलने की मांग
देश की राजधानी दिल्ली जाने वाले यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए बैठक में रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के फेरों को बढ़ाने पर भी चर्चा की गई. वर्तमान में सप्ताह में चार दिन चलने वाली इस प्रीमियम ट्रेन को प्रतिदिन (दैनिक) संचालित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है. इसके साथ ही ट्रेन की वर्तमान समय-सारिणी में आवश्यक बदलाव करने का सुझाव दिया गया है ताकि यह ट्रेन यात्रियों को सुबह के समय दिल्ली पहुंचा सके, जिससे उनकी यात्रा और अधिक सुविधाजनक हो सके.
रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई मौजूदा ट्रेनों के विस्तार का प्रस्ताव भी रखा गया है. इसके तहत झारखंड संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को जयपुर तक बढ़ाने, हटिया-दुर्ग एक्सप्रेस को नागपुर या इतवारी तक विस्तार देने, हटिया-सांकी पैसेंजर को हजारीबाग टाउन तक चलाने तथा रांची-वाराणसी इंटरसिटी को लखनऊ तक विस्तारित करने की मांग की गई है. इसके अलावा बर्द्धमान-हटिया मेमू ट्रेन को गढ़वा तक बढ़ाने का भी अहम सुझाव दिया गया.
रेल बुनियादी ढांचे का विकास और यात्री सुविधाओं में विस्तार पर जोर
बैठक में केवल नई ट्रेनों पर ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के रेल बुनियादी ढांचे के विकास पर भी विशेष जोर दिया गया. इसके अंतर्गत रांची-लोहरदगा-टोरी और मुरी-चांडिल रेलखंड के दोहरीकरण कार्य में तेजी लाने की आवश्यकता जताई गई. साथ ही लोहरदगा-गुमला-सिमडेगा नई रेललाइन के सर्वेक्षण कार्य को जल्द से जल्द शुरू करने तथा अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को गति देने की बात कही गई.
यात्रियों के सफर को आरामदायक बनाने के लिए रांची-वाराणसी एक्सप्रेस में आधुनिक एलएचबी (LHB) कोच और अतिरिक्त एसी बोगियां जोड़ने की मांग भी उठाई गई है. वहीं हटिया-पुणे और हटिया-बेंगलुरु जैसी लंबी दूरी तय करने वाली ट्रेनों में पैंट्री कार की सुविधा अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि यात्रियों को यात्रा के दौरान खान-पान की बेहतर सुविधाएं मिल सकें. झारखंड रेलवे से जुड़ी सभी प्रामाणिक और आधिकारिक खबरों के लिए भारत मंथन लाइव न्यूज देखते रहें.
