रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित ‘झारखंड कृषि व्यापार मेला 2026’ के दूसरे दिन कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने शिरकत की. उन्होंने कहा कि यह मेला राज्य के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, सरकारी योजनाओं और बाजार से जोड़कर आत्मनिर्भर व तकनीक-सक्षम बनाने का एक सशक्त मंच साबित हो रहा है.
रांची मोरहाबादी मैदान में झारखंड कृषि व्यापार मेला 2026: दूसरे दिन उमड़ी किसानों की भीड़
झारखंड की राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित ‘झारखंड कृषि व्यापार मेला 2026’ का दूसरा दिन किसानों की उत्साहपूर्ण भागीदारी और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रदर्शन के साथ संपन्न हुआ. राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पहुंचे महिला और पुरुष किसानों ने मेले में लगी प्रदर्शनियों, तकनीकी सत्रों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और संवाद मंचों में सक्रिय रूप से भाग लिया. इस दौरान कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मेले का विस्तृत भ्रमण कर किसानों का उत्साहवर्धन किया और विभिन्न विभागीय व निजी स्टॉलों का निरीक्षण कर कृषि, पशुपालन और संबद्ध क्षेत्रों में हो रहे नवाचारों की जानकारी ली.
इस भव्य मेले में कृषि, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, बागवानी एवं अन्य संबद्ध क्षेत्रों के विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और तकनीकी जानकारों ने किसानों से सीधा संवाद किया. विशेषज्ञों द्वारा किसानों को नवीनतम वैज्ञानिक तकनीकों, वर्तमान सरकारी योजनाओं, उन्नत नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन, डेयरी विकास, झींगा एवं मोती पालन के साथ-साथ कृषि आधारित उद्यमिता (एंट्रेप्रेन्योरशिप) के विभिन्न अवसरों के बारे में विस्तार से तकनीकी जानकारियां प्रदान की गईं.
जलवायु-स्मार्ट कृषि और लाख उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित
मेले के दूसरे दिन आयोजित विभिन्न विषयगत सत्रों में फसल उपरांत प्रबंधन (पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट), डिजिटल और जलवायु-स्मार्ट कृषि, कुक्कुट व अंडा उत्पादन, डेयरी आधारित कृषि व्यवसाय, मत्स्य क्षेत्र में नवाचार, मोती कृषि तथा लाख उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर कृषि वैज्ञानिकों ने विस्तार से चर्चा की. इन तकनीकी सत्रों ने स्थानीय किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी फसलों का उत्पादन बढ़ाने और आय में वृद्धि करने के नए वैज्ञानिक मार्गों से अवगत कराया.
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड कृषि व्यापार मेला 2026 किसानों को नई तकनीकों, सरकारी योजनाओं और बाजार से जोड़ने वाला एक प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है. यह विशेष आयोजन राज्य की कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने के साथ-साथ किसानों को आत्मनिर्भर, समृद्ध और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
राष्ट्रीय स्तर के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने किया नवाचार केंद्रों का अवलोकन
इस मेले में भारत सरकार के पूर्व अपर सचिव और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव के. राजू का भी आगमन हुआ. उनके साथ कांग्रेस के सह-प्रभारी डॉ. सिरिबेला प्रसाद, भूपेश मरावी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश तथा पूर्व मंत्री बंधु तिर्की, कुमार राजा, सोमनाथ मुंडा और जोसाई माडी भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे. सभी विशिष्ट अतिथियों ने मेले में लगाए गए स्टॉलों, प्रदर्शनी क्षेत्रों और नवाचार केंद्रों का अवलोकन किया तथा किसानों, कृषि उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से सीधा संवाद स्थापित किया.
अतिथियों ने झारखंड सरकार के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग द्वारा आयोजित इस भव्य पहल की सराहना की. उन्होंने कहा कि यह आयोजन किसानों की समृद्धि, आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार तथा कृषि व्यापार को नई गति देने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है. कृषि क्षेत्र के विकास और किसानों से जुड़ी हर प्रामाणिक खबर के लिए भारत मंथन लाइव न्यूज देखते रहें.
