Jehanabad News: बालू माफियाओं पर खेत से मिट्टी चोरी का आरोप

जहानाबाद के जमुआमा गांव में बालू माफियाओं द्वारा नदी के तटबंध को काटे जाने से उत्पन्न हुआ भू-कटाव का संकट।

जहानाबाद जिले के जमुआमा गांव में सक्रिय बालू माफियाओं द्वारा खेतों से लगातार मिट्टी की चोरी करने और नदी के तटबंध को काटने का गंभीर मामला सामने आया है। बुधवार, 24 जून 2026 को इस अवैध खनन को लेकर एक पीड़ित बुजुर्ग ने जिला प्रशासन और खनन विभाग से सुरक्षा तथा न्याय की गुहार लगाई।

जहानाबाद के जमुआमा गांव में बालू माफियाओं का आतंक, नदी के तटबंध पर बढ़ा खतरा

जहानाबाद: जिले के जमुआमा गांव में अवैध खनन और खेतों से मिट्टी चोरी करने का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। क्षेत्र में सक्रिय बालू माफियाओं की मनमानी और अवैध गतिविधियों से परेशान होकर एक पीड़ित बुजुर्ग ने खनन विभाग सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारियों से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।

पीड़ित का सीधा आरोप है कि बालू माफिया न सिर्फ उनके निजी खेतों से लगातार कीमती मिट्टी की चोरी कर रहे हैं, बल्कि नदी के सुरक्षा तटबंध को भी काट रहे हैं। इस अवैध कटान के कारण नदी किनारे की भूमि में भारी कटाव का खतरा पैदा हो गया है, जिससे बुजुर्ग की कृषि योग्य भूमि को भारी नुकसान पहुंच रहा है।

बार-बार आवेदन देने के बाद भी प्रशासन मौन, किसानों में आक्रोश

पीड़ित बुजुर्ग ने अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि उन्होंने इस अवैध खनन और चोरी के संबंध में स्थानीय अंचल कार्यालय, खनन विभाग तथा जिला प्रशासन को कई बार लिखित आवेदन सौंपे हैं। इसके बावजूद अब तक संबंधित अधिकारियों द्वारा माफियाओं के खिलाफ कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।

बुजुर्ग का कहना है कि नदी का तटबंध कटने के कारण सिर्फ उनकी ही नहीं, बल्कि आसपास के तमाम किसानों की कृषि भूमि और फसलों पर भी तबाही का खतरा मंडरा रहा है। यदि जिला प्रशासन द्वारा समय रहते इन बालू माफियाओं पर नकेल नहीं कसी गई, तो भविष्य में स्थिति और अधिक गंभीर रूप अख्तियार कर सकती है।

ग्रामीणों ने किया बुजुर्ग का समर्थन; बाढ़ और कटाव की बढ़ी आशंका

इस संवेदनशील मामले में जमुआमा गांव के अन्य ग्रामीणों ने भी पीड़ित बुजुर्ग की शिकायत का पुरजोर समर्थन किया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से क्षेत्र में चल रहे बालू और मिट्टी के अवैध कारोबार पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस अंधाधुंध अवैध खनन के कारण क्षेत्र को भारी पर्यावरणीय नुकसान हो रहा है।

इसके साथ ही नदी के तटबंध की मजबूती भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे आगामी दिनों में बाढ़ और भूमि कटाव जैसी गंभीर आपदाएं उत्पन्न होने की आशंका है। भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, पीड़ित किसान ने खनन पदाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। माफियाओं के भय के साए में जी रहे पीड़ित परिवार ने प्रशासन से जल्द से जल्द हस्तक्षेप करने की अपील की है।

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