केबीपी परियोजना को लेकर मंत्री योगेंद्र प्रसाद की पहल पर त्रिपक्षीय बैठक
बोकारो: बेरमो अनुमंडल स्थित तेनुघाट सिंचाई विभाग के अतिथि भवन में राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद की पहल पर कोतरे–बसंतपुर–पचमो (केबीपी) परियोजना से प्रभावित गोमिया अंचल के ग्राम पंचायत पचमो के रैयतों के हक एवं अधिकारों को लेकर त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने की।
अधिकारियों और रैयतों ने बैठक में लिया हिस्सा
बैठक में अपर समाहर्ता बोकारो सुनील चंद्रा, बेरमो अनुमंडल पदाधिकारी मनोज कुमार, गोमिया अंचल अधिकारी, सीसीएल हजारीबाग कोल क्षेत्र के महाप्रबंधक, सीसीएल रांची के भूमि एवं राजस्व विभाग के महाप्रबंधक, केबीपी परियोजना के पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में रैयत उपस्थित रहे।
पुनर्वास नीति के तहत सुविधाएं देने के निर्देश
बैठक के दौरान मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने अधिकारियों और प्रबंधन को निर्देश दिया कि पचमो पंचायत के रैयतों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव न किया जाए। उन्होंने कहा कि पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) नीति के तहत मिलने वाले सभी अधिकार और सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं।
15 सूत्री मांगों पर हुई समीक्षा
मंत्री ने रैयतों की 15 सूत्री मांगों की बिंदुवार समीक्षा की और प्रत्येक मांग पर सकारात्मक एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान रैयतों ने अपनी समस्याओं, चिंताओं और अधिकारों से जुड़े मुद्दे भी अधिकारियों के समक्ष रखे।
नीतिगत मामलों को भेजा जाएगा मुख्यालय
बैठक में प्रबंधन की ओर से बताया गया कि जिन मांगों का संबंध नीतिगत निर्णयों से है, उन्हें आवश्यक कार्रवाई के लिए सीसीएल मुख्यालय भेजा जाएगा। वहीं क्षेत्रीय स्तर पर लंबित मांगों पर सकारात्मक सहमति व्यक्त की गई।
मंत्री ने समाधान का दिया भरोसा
बैठक के बाद मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि पचमो के रैयत लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रबंधन के साथ हुई सकारात्मक वार्ता के परिणामस्वरूप कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनी है और शेष मामलों के समाधान की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
बैठक के सफल आयोजन पर उपस्थित रैयतों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि उनके लंबे समय से लंबित हक एवं अधिकारों के समाधान की दिशा में यह वार्ता महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
