रांची के कांके स्थित गोंदा डैम को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए रांची नगर निगम ने आईआईटी खड़गपुर के सहयोग से एक नई ड्रेनेज परियोजना शुरू की है। इस योजना के तहत डैम के किनारे अत्याधुनिक सीवरेज ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाएगा, जिससे नालों का गंदा पानी डैम में गिरने के बजाय सीधे ट्रीटमेंट प्लांट में जाएगा।
रांची के कांके स्थित गोंदा डैम को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए रांची नगर निगम ने एक बड़ी योजना पर काम शुरू कर दिया है। इस परियोजना के अंतर्गत अब डैम में नालों का गंदा पानी नहीं गिरेगा। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए आईआईटी खड़गपुर की विशेषज्ञ टीम ड्रेनेज का विशेष डिजाइन तैयार कर रही है।
सीवरेज ड्रेनेज सिस्टम को जोन वन से जोड़ने की योजना
नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने बताया कि रांची नगर निगम इस योजना के तहत डैम के किनारे एक अत्याधुनिक सीवरेज ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण करेगा। इस पूरे सिस्टम को शहर के ‘जोन वन’ के सीवरेज ड्रेनेज लाइन से कनेक्ट किया जाएगा। इस तकनीक से गंदा पानी डैम में मिलने के बजाय सीधे ट्रीटमेंट प्लांट में चला जाएगा।
आईआईटी की टीम इस महीने सौंपेगी डिजाइन
गोंदा डैम के किनारे के ड्रेनेज का पूरा डिजाइन आईआईटी खड़गपुर की टीम द्वारा तैयार किया जा रहा है ताकि भविष्य में नालों का गंदा पानी डैम में गिरने की समस्या का स्थाई समाधान हो सके। रांची नगर निगम ने इस योजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का निर्देश दिया है। आईआईटी की टीम इस महीने के अंत में अपना डिजाइन सबमिट कर देगी, जिसके बाद निगम डीपीआर तैयार करेगा।
तात्कालिक व्यवस्था के तहत बनाए जा रहे बड़े गड्ढे
जब तक स्थायी ड्रेनेज सिस्टम बनकर तैयार नहीं हो जाता, तब तक के लिए निगम ने तात्कालिक निर्देश जारी किए हैं। नगर आयुक्त के अनुसार, डैम के आसपास बड़े-बड़े गड्ढे बनाकर नालों के पानी को अस्थाई रूप से वहां मोड़ने को कहा गया है ताकि पानी सीधे डैम में न जाए। इस कदम से कांके डैम के जल स्तर और उसकी शुद्धता को बनाए रखने में बड़ी मदद मिलेगी।
एक लाख की आबादी और वीआईपी क्षेत्रों में होती है जलापूर्ति
भारत मंथन Live News के अनुसार, नालों के गंदे पानी के कारण कांके स्थित गोंदा डैम का पानी दूषित हो गया है, जबकि इसी पानी को ट्रीट करके शहर की लगभग 1 लाख की आबादी को सप्लाई किया जाता है। इसके अलावा लोक भवन, सीएम आवास और कई वीआईपी आवासों में भी गोंदा डैम से ही पानी जाता है। नगर निगम इस डैम के प्लांट से सरफेस वाटर भरकर टैंकरों के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में भी सप्लाई करता है।
