झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद द्वारा 12 जुलाई को आयोजित होने वाली ‘पॉलिटेक्निक प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा-2026’ के मद्देनजर रांची के 11 परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। सदर अनुमंडल दंडाधिकारी कुमार रजत ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संपन्न कराने के लिए यह आदेश जारी किया है।
पॉलिटेक्निक प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा-2026 को लेकर रांची में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
रांची: झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद द्वारा 12 जुलाई (रविवार) को आयोजित होने वाली ‘पॉलिटेक्निक प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा-2026’ को शांतिपूर्ण, स्वच्छ और कदाचारमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने मुस्तैदी बढ़ा दी है। परीक्षा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से सदर अनुमंडल दंडाधिकारी कुमार रजत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सभी 11 परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा जारी की है।
यह परीक्षा रविवार को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक आयोजित की जाएगी। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर लागू की गई यह निषेधाज्ञा सुबह 07:30 बजे से अपराह्न 04:00 बजे तक प्रभावी रहेगी।
पुलिस बल और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति
भारत मंथन लाइव न्यूज़ के अनुसार, उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री और वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन के संयुक्तादेश से सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है ताकि परीक्षा का संचालन बिना किसी बाधा के हो सके।
निषेधाज्ञा के दौरान इन गतिविधियों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के तहत परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में निम्नलिखित गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक रहेगी:
- पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक स्थान पर एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा।
- किसी भी प्रकार की जनसभा, रैली या बैठक आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी।
- लाउडस्पीकर का उपयोग करने पर पूरी तरह से रोक रहेगी।
- लाठी-डंडा, तीर-धनुष, बंदूक, राइफल जैसे किसी भी प्रकार के घातक अस्त्र-शस्त्र लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
यह नियम सरकारी कार्य में लगे अधिकारियों-कर्मचारियों, परीक्षा ड्यूटी में प्रतिनियुक्त कर्मियों और शवयात्रा पर प्रभावी नहीं होगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
