FIRST PARAGRAPH: पश्चिम बंगाल में एक महीने के भीतर 14 बंद पड़ी जूट मिलें दोबारा शुरू हो गई हैं। श्रम विभाग के अनुसार, इस कदम से हजारों श्रमिकों को पुनः रोजगार प्राप्त हुआ है, जिससे जूट उद्योग में उत्पादन को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पश्चिम बंगाल में जूट उद्योग को पुनर्जीवित करने के प्रयासों में तेजी
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में एक महीने के भीतर 14 बंद जूट मिलें फिर से शुरू हो गई हैं। इससे हजारों श्रमिकों को दोबारा रोजगार मिला है और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है। भारत मंथन लाइव न्यूज़ के अनुसार, इन बंद मिलों के दोबारा खुलने से स्थानीय श्रमिकों और उनके परिजनों के बीच आर्थिक सुरक्षा की नई उम्मीद जगी है।
श्रम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, दोबारा शुरू की गई कई मिलों में उत्पादन का कार्य नियमित रूप से प्रारंभ हो चुका है। वहीं, कुछ अन्य जूट मिलों में मशीनों और बुनियादी ढांचे की मरम्मत का काम अंतिम चरण में चल रहा है, जिसके पूरा होते ही वहां भी परिचालन शुरू कर दिया जाएगा।
जगदल और एम्पायर एमको सहित कई मिलों में जल्द शुरू होगा उत्पादन
श्रम विभाग की रिपोर्ट में संकेत दिए गए हैं कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी जूट मिलों के ताले खुल सकते हैं। विभाग के अनुसार, जगदल जूट मिल, एम्पायर एमको जूट मिल, भारत जूट मिल और लुमटेक्स जूट मिल में भी जल्द ही उत्पादन प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इसके लिए प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
सरकार का कहना है कि राज्य के पारंपरिक जूट उद्योग को फिर से मजबूत बनाने और अधिक से अधिक श्रमिकों को स्थाई रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार नियोजित प्रयास किए जा रहे हैं। बंद मिलों को चरणबद्ध तरीके से चालू करना इसी नीति का हिस्सा है।
