छत्तीसगढ़ के धमतरी में 9 अगस्त 2026 को बारिश के मौसम में पीलिया और टाइफाइड का प्रकोप देखने को मिला। शहर के विभिन्न वार्डों में करीब 8 परिवारों के दो दर्जन से अधिक लोग पीलिया की चपेट में आ गए हैं, जिससे क्षेत्र में जलजनित बीमारियों और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
धमतरी के विभिन्न वार्डों में पीलिया और टाइफाइड का प्रकोप
छत्तीसगढ़ के धमतरी में मानसूनी सीजन के दौरान पीलिया और टाइफाइड के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। शहर के अलग-अलग वार्डों में लगातार मरीज मिलने से स्थानीय निवासियों के बीच डर का माहौल बन गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, करीब 8 परिवारों के दो दर्जन से अधिक लोग इस संक्रमण का शिकार हो चुके हैं। कई मरीजों का इलाज निजी अस्पतालों और स्थानीय क्लीनिकों में चल रहा है।
दूषित पेयजल और पाइपलाइन लीकेज की आशंका
एक ही क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने के पीछे दूषित पानी और जलभराव को मुख्य कारण माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर पेयजल आपूर्ति, पाइपलाइन में लीकेज या साफ-सफाई की कमी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पीलिया और टाइफाइड दोनों ही बीमारियाँ दूषित पानी और अस्वच्छता के कारण फैलती हैं। हालांकि, बीमारी के वास्तविक कारणों की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
प्रशासनिक निगरानी पर स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
वार्डों में लगातार मरीज सामने आने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कदम न उठाए जाने को लेकर स्थानीय लोगों में असंतोष है। लोगों का आरोप है कि स्थिति की गंभीरता के बाद भी स्वास्थ्य अमला पूरी तरह सक्रिय नहीं दिख रहा है।
प्रभावित इलाकों के नागरिकों ने मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें तुरंत मौके पर भेजकर सैंपलिंग कराई जाए तथा पीने के पानी की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित की जाए।
