भारतीय फिल्म निर्माता अनुपर्णा रॉय ने 83वें वेनिस अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में अपनी नई फिल्म ‘लवर्स इन द ब्लू नाइट’ के लिए बेस्ट एशियन फिल्म का ‘NETPAC अवॉर्ड’ जीता है। हैदराबाद से 13 सितंबर को आई रिपोर्ट के अनुसार, वेनिस में अनुपर्णा की यह लगातार दूसरी बड़ी अंतर्राष्ट्रीय सफलता है।
83वें वेनिस फिल्म फेस्टिवल में भारतीय सिनेमा का डंका: अनुपर्णा रॉय की फिल्म को NETPAC अवॉर्ड
अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारतीय सिनेमा के लिए एक बेहद गर्व का क्षण सामने आया है। प्रसिद्ध फिल्म निर्माता अनुपर्णा रॉय की नवीनतम फिल्म ‘लवर्स इन द ब्लू नाइट’ (Lovers in the Blue Night) ने 83वें वेनिस अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में बेस्ट एशियन फिल्म का प्रतिष्ठित NETPAC अवॉर्ड जीता है।
ओराइजॉन्टी सेक्शन में मिली बड़ी सफलता
अनुपर्णा रॉय की इस फिल्म को वेनिस फिल्म फेस्टिवल के प्रतिष्ठित ओराइजॉन्टी (Orizzonti) सेक्शन में प्रदर्शित और प्रतिस्पर्धा के लिए चुना गया था। फिल्म मेकर के रूप में अनुपर्णा के लिए यह सम्मान इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि यह वेनिस महोत्सव में उनका लगातार दूसरा पुरस्कार है।
लगातार दूसरे साल वेनिस में जीता पुरस्कार
इससे पहले वर्ष 2025 में अनुपर्णा रॉय ने अपनी पहली फीचर फिल्म ‘सॉन्ग्स ऑफ फॉरगॉटन ट्रीज’ (Songs of Forgotten Trees) से वेनिस फिल्म फेस्टिवल में डेब्यू किया था।
उस वर्ष ओराइजॉन्टी सेक्शन में ही उन्होंने सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार जीता था। वह यह सम्मान पाने वाली पहली भारतीय फिल्म निर्माता बनी थीं। ठीक एक साल बाद 2026 में उन्होंने ‘लवर्स इन द ब्लू नाइट’ के साथ वापसी की और एक बार फिर बड़ा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किया।
मुंबई के प्रवासी मजदूरों और हाशियाई जीवन पर आधारित फिल्म
NETPAC जूरी ने मुंबई में हाशियाई जीवन के सूक्ष्म और संवेदी चित्रण के लिए फिल्म की जमकर प्रशंसा की। जूरी ने फिल्म को “प्रवासी मजदूरों के आपस में जुड़ते जीवन की एक नाजुक और संवेदनशील दृष्टि” करार दिया।
इसके साथ ही जूरी ने विस्थापन, शहरी अस्तित्व, छिपी हुई इच्छाओं, लैंगिक मुद्दों, गरीबी और वर्ग संरचना के गहरे अन्वेषण की सराहना की।
