नई दिल्ली में बुधवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के तहत ‘स्वच्छता पाठशाला: युवा फॉर स्वच्छता’ की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य युवाओं और छात्रों को स्वच्छता आंदोलन के केंद्र में लाकर स्कूलों, कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों के माध्यम से वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और नागरिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता फैलाना है।
नई दिल्ली: स्वच्छ भारत के लिए ‘स्वच्छता पाठशाला’ अभियान की शुरुआत
शिक्षण संस्थानों को बनाया जा रहा स्वच्छता का केंद्र
केंद्र सरकार ने देश भर के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को स्वच्छता आंदोलन का नया केंद्र बनाने का फैसला किया है। ‘स्वच्छता ही सेवा (SHS) 2026’ अभियान के तहत ‘स्वच्छता पाठशाला: युवा फॉर स्वच्छता’ को एक प्रमुख घटक के रूप में पेश किया गया है।
त्योहारों में हरित उत्सव मनाने की अपील
जल शक्ति मंत्रालय और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा कि सरकार स्वच्छता को केवल प्रशासनिक कार्यक्रम न बनाकर पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी बनाना चाहती है। उन्होंने आने वाले त्योहारी सीजन को ‘हरित उत्सव’ के रूप में मनाने की अपील की।
कचरा प्रबंधन और जागरूकता पर विशेष जोर
स्वच्छता पाठशाला पहल के तहत शैक्षणिक संस्थानों में स्वच्छता ज्ञान यात्राएं, जल संचय संवाद और कचरे को स्रोत पर ही अलग करने (Source Segregation) के व्यावहारिक प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, छात्रों को स्वच्छ भारत मिशन की क्रियाशील परिसंपत्तियों का अवलोकन कराया जाएगा ताकि उन्हें कचरा प्रबंधन की वैज्ञानिक प्रक्रिया का अनुभव हो सके। Bharat Manthan Live News इस अभियान से जुड़ी हर जानकारी आप तक पहुंचाता रहेगा।
