शिमला (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश के चौपाल पुलिस थाने में तैनात एक सिपाही से जातिगत भेदभाव करने और भोजन देने से रोकने के आरोप में एक हेड कांस्टेबल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चौपाल थाने के अंतर्गत सामने आया जातिगत उत्पीड़न का मामला
शिमला (हिमाचल प्रदेश): राज्य के शिमला जिले में स्थित चौपाल पुलिस स्टेशन में एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां तैनात एक आरक्षी (सिपाही) ने अपने वरिष्ठ अधिकारी यानी गार्ड प्रभारी (हेड कांस्टेबल) पर जातिगत उत्पीड़न, अभद्र भाषा के प्रयोग और ड्यूटी के दौरान भोजन न परोसने का आरोप लगाया है।
पीड़ित सिपाही की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित हेड कांस्टेबल के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम धारा 3(1)(r) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
जाति पूछने के बाद बदला गार्ड प्रभारी का व्यवहार
पीड़ित सिपाही ने चौपाल के थाना प्रभारी (SHO) को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि उसे 27 जुलाई से 23 अगस्त तथा उसके बाद 4 सितंबर से 14 सितंबर तक एक महिला की सुरक्षा के लिए गार्ड ड्यूटी पर तैनात किया गया था।
शिकायत के मुताबिक, 27 जुलाई को गार्ड रूम पहुंचने पर गार्ड प्रभारी हेड कांस्टेबल ने उससे उसकी जाति पूछी। जब पीड़ित ने बताया कि वह अनुसूचित जाति (SC) श्रेणी से ताल्लुक रखता है, तो उसके बाद से हेड कांस्टेबल का रवैया पूरी तरह बदल गया।
भोजन न छूने और धमकाने का गंभीर आरोप
पीड़ित पुलिसकर्मी ने आरोप लगाया कि उसे खाने-पीने के बर्तनों को न छूने की हिदायत दी गई और लगातार उसकी जाति को लेकर तंज कसे गए। इसके अलावा, उसे आदेश देते समय धमकाने वाले अंदाज में बात की जाती थी।
जातिगत भेदभाव का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। शिकायत के अनुसार, 13 सितंबर को ड्यूटी खत्म करने के बाद जब पीड़ित सिपाही गार्ड रूम में भोजन लेने लगा, तो हेड कांस्टेबल उस पर भड़क गया और वहां मौजूद एक अन्य सिपाही को आदेश दिया कि उसे खाना न दिया जाए।
फिलहाल पुलिस प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कानूनी कार्रवाई और विभागीय जांच शुरू कर दी है।
