झारखंड के कोडरमा जिले में पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक हथियार तस्कर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सतगावां थाना क्षेत्र के गजहाड़ टोला स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में की गई, जहां आरोपी कई दिनों से छिपकर रह रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से देशी कार्बाइन, चार राइफल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान 54 वर्षीय रमेश्वर प्रसाद के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के जहानाबाद का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, रमेश्वर प्रसाद लंबे समय से अवैध हथियारों की तस्करी में संलिप्त था और गिरफ्तारी के दौरान उसने इस बात को स्वीकार भी किया है।
जानकारी के मुताबिक, सतगावां थाना प्रभारी सौरभ कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गजहाड़ टोला, कटैया में छापेमारी की। इस दौरान आरोपी प्राथमिक विद्यालय की सीढ़ियों के नीचे सोता हुआ मिला। तलाशी लेने पर उसके पास रखे एक प्लास्टिक बैग से भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए। पुलिस ने तत्काल उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
कोडरमा के पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह ने बताया कि यह गिरफ्तारी जिले में अवैध हथियारों की तस्करी और संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति स्कूल परिसर में छिपा हुआ है और उसके पास हथियार हो सकते हैं। सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई और बड़ी सफलता हाथ लगी।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह पहले मजदूरी का काम करता था, लेकिन बाद में अवैध हथियारों के कारोबार में शामिल हो गया। उसने बताया कि वह नालंदा जिले के एक व्यक्ति से हथियार खरीदता था और फिर उन्हें अलग-अलग स्थानों पर सप्लाई करता था। पुलिस फिलहाल उस नेटवर्क की पहचान करने में जुटी है, जिससे वह हथियार मंगाता था।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए रमेश्वर प्रसाद लगातार स्थान बदलता रहता था। वह दिन में जंगलों में हथियार छिपा देता था और रात में स्कूल परिसर में आकर ठहरता था। स्थानीय ग्रामीणों ने उसे शरण देने से इनकार कर दिया था, जिसके कारण उसने स्कूल को ही अपना ठिकाना बना लिया।
यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि आरोपी एक प्राथमिक विद्यालय में छिपा हुआ था, जहां बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि होती है। पुलिस का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो किसी बड़ी घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।
फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसके संपर्क में और कौन-कौन लोग थे और क्या इस नेटवर्क का संबंध किसी बड़े आपराधिक गिरोह से है। बरामद हथियारों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका इस्तेमाल पहले किसी आपराधिक घटना में हुआ है या नहीं।
कोडरमा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई के बाद इलाके में पुलिस की सक्रियता और सतर्कता बढ़ा दी गई है।
