जमशेदपुर के जुगसलाई थाना क्षेत्र में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जुगसलाई पुलिस ने खरकई रेलवे ब्रिज के पास छापेमारी कर कुख्यात मनीष सिंह गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक देशी कट्टा, चार जिंदा गोलियां और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान जुगसलाई गौशाला नाला रोड निवासी रौशन सिंह और दीपक सिंह के रूप में हुई है। दोनों पर व्यवसायियों को धमकाकर रंगदारी वसूलने और इलाके में भय का माहौल बनाने का आरोप है।
गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई
जुगसलाई थाना प्रभारी बैजनाथ कुमार ने शनिवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि खरकई ब्रिज के पास 6 से 7 युवक एक समूह में जमा हुए हैं। सूचना के अनुसार, ये सभी कुख्यात अपराधी मनीष सिंह गिरोह से जुड़े हुए थे और किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में थे।
सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही कुछ युवक मौके से फरार हो गए, लेकिन दो आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया गया।
हथियार और कारतूस बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देशी कट्टा और चार जिंदा गोलियां बरामद कीं। इसके अलावा उनके पास से मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि मोबाइल फोन से गिरोह के अन्य सदस्यों और रंगदारी से जुड़े मामलों की जानकारी मिल सकती है।
थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार दोनों आरोपी व्यवसायियों को फोन कर धमकी देते थे और उनसे पैसे की मांग करते थे। रंगदारी नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी जाती थी।
इलाके में फैला था दहशत का माहौल
जुगसलाई और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से रंगदारी और धमकी की घटनाओं की शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय व्यापारियों में भय का वातावरण था। पुलिस को संदेह था कि इन घटनाओं के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ है।
इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस का मानना है कि गिरोह की गतिविधियों पर बड़ी रोक लगेगी। हालांकि, फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने क्षेत्र के लोगों और व्यवसायियों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की धमकी या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
आगे की जांच जारी
फिलहाल दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह के सरगना मनीष सिंह की इस पूरे मामले में क्या भूमिका है और अन्य सदस्य किन-किन वारदातों में शामिल रहे हैं। बरामद मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और चैट रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
जमशेदपुर पुलिस की इस कार्रवाई को कानून-व्यवस्था के लिहाज से अहम माना जा रहा है। इससे न केवल व्यापारियों को राहत मिलेगी, बल्कि अपराधियों में भी पुलिस का खौफ बढ़ेगा।
