रांची ड्रग नेटवर्क: बार, रेस्टोरेंट और फार्महाउस में विस्तार

रांची के फार्महाउस में चल रही पार्टी के दौरान ड्रग नेटवर्क की संदिग्ध गतिविधियां

रांची में बार, रेस्टोरेंट और फार्महाउस के जरिए ड्रग नेटवर्क के फैलने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, कोकीन और MDMA जैसे नशीले पदार्थ कई शहरों से सप्लाई हो रहे हैं और निजी पार्टियों के माध्यम से युवाओं तक पहुंच रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।

रांची के नाइटलाइफ में ड्रग नेटवर्क का विस्तार

रांची, जो कभी शांत माहौल के लिए जाना जाता था, अब अवैध ड्रग गतिविधियों को लेकर चर्चा में है। सूत्रों के अनुसार, बार, रेस्टोरेंट और हाई-प्रोफाइल फार्महाउस के जरिए एक नेटवर्क सक्रिय है, जो खासकर युवाओं तक अपनी पहुंच बना रहा है।

नाइटलाइफ और निजी आयोजनों से जुड़ी ये गतिविधियां अब शहर के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं।

ऊंची कीमतें, संगठित कारोबार के संकेत

सूत्रों के मुताबिक, रांची में कोकीन, MDMA और एक्सटेसी जैसे ड्रग्स उपलब्ध हैं। इनकी कीमतें इस नेटवर्क के संगठित और लाभकारी होने की ओर इशारा करती हैं।

कोकीन की कीमत लगभग 15,000 रुपये प्रति ग्राम, MDMA की करीब 12,000 रुपये प्रति ग्राम और एक्सटेसी पिल्स लगभग 2,500 रुपये प्रति टैबलेट बताई जा रही है।

कई शहरों से जुड़ी सप्लाई चेन

ड्रग्स की सप्लाई केवल रांची तक सीमित नहीं है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली, गोवा, कोलकाता, जयपुर और वाराणसी जैसे शहरों से इसकी आपूर्ति की जा रही है।

इन नशीले पदार्थों को निजी वाहनों और बसों के जरिए छिपाकर लाया जाता है, जिससे जांच से बचा जा सके।

कहां हो रहा है इस्तेमाल

सूत्रों के अनुसार, शहर के बार, रेस्टोरेंट और उनके परिसर, जैसे बाथरूम, में ड्रग्स का उपयोग हो रहा है। फार्महाउस पार्टियां इसके प्रमुख केंद्र मानी जा रही हैं।

इसके अलावा, पार्किंग में खड़ी गाड़ियों के अंदर भी सेवन की जानकारी सामने आई है।

फार्महाउस पार्टियां और मोबाइल ऐप का इस्तेमाल

फार्महाउस पार्टियां इस नेटवर्क का अहम हिस्सा बन गई हैं। यहां हाई-प्रोफाइल लोगों की मौजूदगी के कारण निगरानी चुनौतीपूर्ण हो जाती है।

सूत्रों के मुताबिक, फ्लैट, बंगले और फार्महाउस मोबाइल ऐप्स के जरिए किराए पर लिए जा रहे हैं, जिससे गतिविधियों को ट्रैक करना और मुश्किल हो जाता है।

देर रात “आफ्टर पार्टी” का चलन

“आफ्टर पार्टी” के नाम पर रात 12 बजे के बाद शुरू होने वाले आयोजन सुबह तक चलते हैं। ये कार्यक्रम अदालत के निर्देशों के बावजूद आयोजित किए जाने की बात सामने आई है।

सख्ती बढ़ने के बाद अब ऐसे आयोजन निजी घरों और बंद स्थानों पर शिफ्ट हो रहे हैं।

इवेंट कंपनियों की भूमिका पर सवाल

कुछ इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है। इनके कनेक्शन दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों तक होने की जानकारी है।

यह गतिविधियां इवेंट मैनेजमेंट के नाम पर संचालित होने की आशंका जताई जा रही है।

जांच और सत्यापन जारी

नक्षत्र न्यूज के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों, सप्लाई चेन और ठिकानों को लेकर कई महत्वपूर्ण इनपुट जुटाए गए हैं।

इन जानकारियों का फिलहाल गहन सत्यापन किया जा रहा है और पुष्टि के बाद विस्तृत खुलासा किया जाएगा।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *