रांची: 30 मार्च 2026 को रांची विश्वविद्यालय में RIMS के B.Sc. नर्सिंग और पोस्ट B.Sc. के सैकड़ों छात्रों ने डेढ़ साल से लेट चल रहे सेशन के विरोध में प्रदर्शन किया, नारेबाजी की और प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी।
रांची विश्वविद्यालय में नर्सिंग छात्रों का विरोध प्रदर्शन
रांची विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में RIMS के B.Sc. नर्सिंग और पोस्ट B.Sc. के सैकड़ों छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के नेतृत्व में छात्रों ने परिसर में जोरदार नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने प्रशासनिक कार्यों को बाधित करते हुए मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी।
डेढ़ साल से लेट सेशन पर छात्रों की नाराजगी
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि उनका शैक्षणिक सत्र पिछले डेढ़ साल से देरी से चल रहा है। छात्रों के अनुसार अब तक उनके तीन सेमेस्टर प्रभावित हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि अगले सेमेस्टर के लिए परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया भी अभी तक शुरू नहीं की गई है, जिससे उनकी पढ़ाई और भविष्य प्रभावित हो रहा है।
शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं
छात्रों ने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार कॉलेज के प्रिंसिपल से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
छात्रों के अनुसार, इस देरी के कारण उनकी डिग्री अधर में लटक गई है और करियर को लेकर अनिश्चितता बढ़ रही है।
मेडिकल यूनिवर्सिटी गठन से उम्मीद
राज्य में मेडिकल यूनिवर्सिटी के गठन की प्रक्रिया जारी है। हाल ही में राज्य सरकार ने इसकी घोषणा की है और डॉ. सुधीर कुमार गुप्ता को वाइस चांसलर नियुक्त किया गया है।
छात्रों का मानना है कि इस नई यूनिवर्सिटी के बनने से मेडिकल शिक्षा में हो रही देरी पर नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
भविष्य पर मंडरा रहा संकट
नर्सिंग जैसे प्रोफेशनल कोर्स में समय का विशेष महत्व होता है। छात्रों का कहना है कि यदि जल्द परीक्षा फॉर्म भरवाकर लंबित परीक्षाएं आयोजित नहीं की गईं, तो चार साल का कोर्स छह साल तक खिंच सकता है।
प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर और परीक्षा नियंत्रक मौके पर मौजूद नहीं थे, जिससे छात्रों की मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हो सकी।
