महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में हाल ही में शुरू हुई एक केमिकल फैक्ट्री को लेकर सियासी और पर्यावरणीय विवाद गहराता जा रहा है। एनसीपी नेता रोहित पवार के बाद अब कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने संसद में इस मामले को उठाते हुए गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
शून्यकाल के दौरान मुद्दा उठाते हुए प्रमोद तिवारी ने कहा कि इस फैक्ट्री में इटली की एक विवादित कंपनी की मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो यूरोप में स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक केमिकल्स के उत्पादन को लेकर बदनाम रही है। उनका आरोप है कि रत्नागिरी में तैयार किए जा रहे ये केमिकल आम लोगों की सेहत और पर्यावरण दोनों के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं।
सेहत और पर्यावरण पर खतरे की आशंका
प्रमोद तिवारी ने बताया कि फैक्ट्री में पीएफएएस जैसे खतरनाक केमिकल्स के इस्तेमाल से गंभीर चिंताएं पैदा हो रही हैं। उन्होंने कहा कि ये मशीनरी इटली की मिटेनी नामक कंपनी से खरीदी गई थी, जिसे वहां बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद बंद कर दिया गया था। पीएफएएस केमिकल्स लंबे समय तक पर्यावरण में बने रहते हैं और इन्हें कैंसर, प्रेग्नेंसी पर असर और अन्य गंभीर बीमारियों से जोड़ा गया है।
ब्लैकलिस्टेड कंपनी को भारत में अनुमति कैसे?
कांग्रेस सांसद ने सवाल उठाया कि कोंकण तट और ग्रामीण क्षेत्रों के पास स्थित इस केमिकल प्लांट को अनुमति कैसे दी गई, जबकि देश में पीएफएएस के इस्तेमाल को लेकर कोई स्पष्ट कानून नहीं है। उन्होंने सरकार से महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट मंगाने और अनुमति प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले में भ्रष्टाचार की आशंका भी जताई।
पहले भी उठा चुके हैं रोहित पवार सवाल
इससे पहले एनसीपी नेता रोहित पवार ने सोशल मीडिया के जरिए लक्ष्मी ऑर्गेनिक केमिकल्स के इस प्लांट पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि रत्नागिरी के लोटे MIDC इलाके में लगाए गए इस प्लांट में इटली की विवादित मिटेनी कंपनी की मशीनरी का इस्तेमाल हो रहा है।
रोहित पवार के अनुसार, मिटेनी कंपनी के पीएफएएस केमिकल्स ने इटली के विसेंजा इलाके में जल स्रोतों को गंभीर रूप से प्रदूषित किया था, जिससे करीब तीन लाख लोग प्रभावित हुए। जनता के भारी विरोध के बाद कंपनी को वहां बंद करना पड़ा और वही मशीनरी भारत लाकर इस्तेमाल की जा रही है।
PFAS केमिकल क्यों हैं खतरनाक
पीएफएएस यानी पॉलीफ्लोरोएल्काइल पदार्थ सिंथेटिक केमिकल होते हैं, जो बेहद लंबे समय तक पर्यावरण में टिके रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये कैंसर, हार्मोनल असंतुलन और कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। रोहित पवार ने सवाल उठाया कि जब इन केमिकल्स को नियंत्रित करने के लिए भारत में ठोस कानून नहीं हैं, तो ऐसी इंडस्ट्री को मंजूरी कैसे दी गई।
रिपोर्ट के आधार पर बैन संभव: उदय सामंत
महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री और रत्नागिरी के गार्जियन मंत्री उदय सामंत ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट आने के बाद सरकार लोटे MIDC में लक्ष्मी ऑर्गेनिक्स के केमिकल उत्पादन पर रोक लगाने का फैसला करेगी। उन्होंने साफ किया कि यदि ये केमिकल कोंकण के पर्यावरण के लिए नुकसानदेह पाए गए, तो सरकार इन्हें बैन करने से पीछे नहीं हटेगी।
फिलहाल कंपनी द्वारा कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू नहीं किया गया है। अभी केवल ट्रायल रन चल रहे हैं और उनसे निकलने वाले वेस्ट को निपटान के लिए तलोजा भेजा जा रहा है।
