दिल्ली हाई कोर्ट ने चलती कार से वर्चुअल सुनवाई में शामिल वकील पर लगाया 1 लाख का जुर्माना

दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा चलती कार से वर्चुअल सुनवाई में भाग लेने पर वकील पर जुर्माना लगाने की खबर।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को चलती कार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालती कार्रवाई में शामिल होने पर एक वकील पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला ने इस आचरण को अदालत की गरिमा के खिलाफ और न्यायिक कार्यवाही में बाधा मानते हुए यह आदेश जारी किया।

दिल्ली हाई कोर्ट का सख्त फैसला: चलती कार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पड़ी भारी

नई दिल्ली में दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को एक अधिवक्ता पर चलती गाड़ी से वर्चुअल सुनवाई में शामिल होने के कारण 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई का अर्थ यह नहीं है कि अदालत की गरिमा से समझौता किया जाए।

अदालत की गरिमा और न्यायिक कार्यवाही में बाधा

मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला ने कहा कि जब अदालत को प्रतिदिन 70 मामलों का निपटारा करना होता है, तब इस प्रकार की बाधाएं और गरिमा को ठेस पहुंचाने के प्रयास न्यायिक हस्तक्षेप को आवश्यक बना देते हैं। अदालत ने माना कि वकील का यह व्यवहार कोर्ट रूम की गरिमा के विपरीत था।

केवल विशेष परिस्थितियों में ही अनुमति संभव

उच्च न्यायालय ने टिप्पणी की कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े नियम किसी भी वकील को बिना पूर्व अनुमति चलती गाड़ी से कार्यवाही में शामिल होने का अधिकार नहीं देते। कोर्ट ने जोड़ा कि केवल असाधारण परिस्थितियों में ही किसी वाहन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की अनुमति दी जा सकती है ताकि वकील को भी उपयुक्त वातावरण मिल सके।

साउथ इंडियन बैंक से जुड़ा था मामला

यह मामला साउथ इंडियन बैंक और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से संबंधित एक निर्णय के अनुपालन से जुड़ा था। सुनवाई के दौरान साउथ इंडियन बैंक का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील चलती कार में सवार थे और वहीं से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुड़े थे। कोर्ट ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए वकील को 1 लाख रुपये की जुर्माना राशि एक सप्ताह के भीतर दिल्ली हाई कोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी (DHCLSC) में जमा कराने का निर्देश दिया।

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