भारत में तेजी से बढ़ते आईटी क्षेत्र के सामने एआई टैलेंट की चुनौती
भारत का टेक्नोलॉजी सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है, लेकिन जेनएआई (GenAI) और क्लाउड स्किल्स की कमी उद्योग के सामने एक बड़ा संकट बनकर उभरी है। टीमलीज डिजिटल (TeamLease Digital) की रिपोर्ट ‘डिजिटल स्किल्स एंड सैलरी प्राइमर’ के विश्लेषण के मुताबिक, 37,000 टेक्नोलॉजी और डिजिटल रोल्स का अध्ययन करने पर पाया गया कि देश में एआई-रेडी टैलेंट की आपूर्ति मांग के मुकाबले काफी कम है।
क्लाउड और जेनएआई में सबसे बड़ा टैलेंट सप्लाई गैप
रिपोर्ट के आंकड़ों से पता चलता है कि क्लाउड क्षेत्र में सबसे अधिक 55 से 60 प्रतिशत का टैलेंट सप्लाई गैप है। इसके बाद जनरेटिव एआई (GenAI) का स्थान आता है, जहां टैलेंट गैप लगभग 53 प्रतिशत दर्ज किया गया है। वर्ष 2026 तक देश में जेनएआई टैलेंट की मांग 10 लाख से अधिक रोल्स को पार करने की संभावना है। वहीं, साइबर सुरक्षा में यह गैप 25 से 30 प्रतिशत के बीच बना हुआ है।
उन्नत एआई स्किल्स वाले पेशेवरों की संख्या सीमित
देश में एआई टैलेंट पूल तैयार करने के लगातार प्रयास जारी हैं, लेकिन इसके बावजूद एआई स्किल्स का आधार सीमित है। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक लगभग 20 लाख पेशेवरों को अपस्किल (Upskill) किया जा चुका है, लेकिन इनमें से केवल 3 लाख पेशेवरों के पास ही एडवांस यानी उन्नत एआई स्किल्स मौजूद हैं।
एआई-कोर और सपोर्ट रोल्स के वेतन में भारी अंतर
कुशल पेशेवरों की किल्लत के कारण एआई-कोर (AI-Core) और उत्पाद-महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग रोल्स को काफी अधिक सैलरी प्रीमियम मिल रहा है:
- जेनएआई डेवलपर (GenAI Developer): 0-2 वर्ष के अनुभव पर ₹11.2 लाख प्रति वर्ष (LPA), जो 6-8 वर्ष के अनुभव पर बढ़कर ₹34.5 LPA तक पहुंच जाता है।
- डाटा इंजीनियर (Data Engineer): समान अनुभव अवधि में वेतन ₹9.1 LPA से बढ़कर ₹29.6 LPA हो जाता है।
- टेक्निकल सपोर्ट इंजीनियर (Technical Support Engineer): 0-2 वर्ष के अनुभव पर ₹5.2 LPA और 6-8 वर्ष में ₹14.6 LPA ही मिल पाता है।
6 से 8 साल के अनुभव स्तर पर GenAI, मशीन लर्निंग (ML) और डाटा साइंस रोल्स का वेतन एआई-सपोर्ट रोल्स की तुलना में लगभग दोगुना (₹31-35 लाख प्रति वर्ष) है।
टीमलीज डिजिटल की सीईओ नीति शर्मा (Neeti Sharma) के अनुसार, बाजार केवल एआई टूल्स के इस्तेमाल को नहीं, बल्कि उत्पादन वातावरण में एआई को विकसित करने, चलाने और नियंत्रित करने की क्षमता को पुरस्कृत कर रहा है।
