नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, वर्ष 2026 का दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश के साथ समाप्त हुआ है। जून से सितंबर के दौरान देश में केवल 759.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो लंबी अवधि के औसत का 87% है। यह 2001 के बाद से चौथा सबसे कम बारिश वाला मानसून वर्ष रहा।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 का दक्षिण-पश्चिम मानसून सत्र बारिश की भारी कमी के साथ समाप्त हुआ है। जून से सितंबर के चार महीनों की अवधि में देशभर में 759.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो कि 868.6 मिमी के लंबी अवधि के औसत (LPA) का मात्र 87 प्रतिशत है। यह आंकड़ा वर्ष 2001 के बाद से चौथा सबसे कम और 1901 के बाद से 13वां सबसे कम बारिश वाला मानसून दर्ज किया गया है।
विलंब से दस्तक और सुस्त प्रगति
मानसून 2026 की शुरुआत केरल में देरी से हुई। मानसून 16 मई को अंडमान सागर पहुंचा था, लेकिन इसके बाद इसकी गति थम गई। इसके बाद केरल में मानसून ने सामान्य तिथि 1 जून के बजाय 3 दिन की देरी से 4 जून को दस्तक दी। महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में मानसून के आगमन में 7 से 10 दिनों की देरी दर्ज की गई। पूर्वोत्तर भारत में भी यह 5 से 10 दिन देरी से पहुंचा। इन सभी बाधाओं के बावजूद, 9 जुलाई तक मानसून पूरे देश में फैल चुका था।
जून में सबसे कमजोर प्रदर्शन
मौसम विभाग के अनुसार, जून का महीना इस सत्र का सबसे कमजोर महीना साबित हुआ, जिसमें सामान्य की तुलना में केवल 65 प्रतिशत बारिश हुई। जून के 165.3 मिमी औसत के मुकाबले केवल 106.8 मिमी वर्षा हुई। जून के दौरान देश के 36 मौसम संबंधी उप-मंडलों में से 22 में कमी और 3 में अत्यधिक कमी दर्ज की गई। मध्य भारत में इस दौरान औसत की महज 50 फीसदी बारिश दर्ज की गई, क्योंकि पूरे महीने में एक भी निम्न दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure System) नहीं बना।
जुलाई में सुधार और अगस्त में पुनः गिरावट
जुलाई महीने में स्थिति में अस्थायी सुधार देखने को मिला और बारिश सामान्य के 101 प्रतिशत तक पहुंच गई। चार निम्न दबाव प्रणालियों के सक्रिय रहने से मध्य भारत में जुलाई के दौरान औसत की 133 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई। हालांकि, अगस्त में मानसून फिर से कमजोर पड़ गया और कुल वर्षा सामान्य के 84 प्रतिशत (213.3 मिमी) पर सिमट गई। अगस्त में दक्षिण भारत सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां केवल 73 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई। भारत मंथन लाइव न्यूज पर मौसम और पर्यावरण से जुड़ी अपडेट्स पढ़ें।
