नई दिल्ली में भारत-ओमान व्यापार और निवेश बढ़ाने पर चर्चा

भारत और ओमान के झंडों के साथ व्यापारिक संबंधों को दर्शाता प्रतीकात्मक दृश्य

नई दिल्ली में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को ओमान के अपने समकक्ष अनवर बिन हिलाल बिन हमदून अल जबरी के साथ द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों देशों ने आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के उपायों पर विचार किया।

भारत-ओमान के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने पर जोर

नई दिल्ली में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को ओमान के वाणिज्य, उद्योग एवं निवेश संवर्धन मंत्री अनवर बिन हिलाल बिन हमदून अल जबरी के साथ टेलीफोन पर बातचीत की।

इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की गई।

CEPA के तहत अवसरों पर चर्चा

पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि बातचीत में भारत-ओमान कॉम्प्रिहेन्सिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) के तहत अवसरों को आगे बढ़ाने पर विचार किया गया।

यह समझौता दिसंबर 2025 में मस्कट में हस्ताक्षरित हुआ था, लेकिन अभी तक लागू नहीं हुआ है।

इस समझौते के तहत भारत के 98 प्रतिशत निर्यात को ओमान में शुल्क मुक्त पहुंच मिलने की संभावना है, जिसमें वस्त्र, कृषि और चमड़ा उत्पाद शामिल हैं।

ओमान के उत्पादों पर टैरिफ में कमी

समझौते के तहत भारत ओमान से आने वाले उत्पादों जैसे खजूर, मार्बल और पेट्रोकेमिकल वस्तुओं पर शुल्क कम करेगा।

व्यापार आंकड़े और क्षेत्रीय प्रभाव

वर्ष 2024-25 में भारत-ओमान के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 10.5 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। इसमें भारत का निर्यात 4 अरब डॉलर और आयात 6.54 अरब डॉलर रहा।

इससे पहले, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और समुद्री मार्गों में बाधाओं के कारण व्यापार पर प्रभाव पड़ा था।

भारत का समग्र खाड़ी देशों के साथ व्यापार 2024-25 में 178 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें निर्यात और आयात दोनों शामिल हैं।

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