बिहार के बाढ़ स्थित उमानाथ गंगा घाट पर आज सुबह करीब 9:30 बजे श्राद्ध कर्म के बाद शुद्धिकरण स्नान के दौरान एक 18 वर्षीय युवती की नदी में डूबने से मौत हो गई। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने किसी तरह दो अन्य लड़कियों को बचा लिया, लेकिन युवती तेज धारा में बह गई।
बाढ़ के उमानाथ गंगा घाट पर दर्दनाक हादसा, एक युवती डूबी
बाढ़: बिहार की काशी कहे जाने वाले बाढ़ स्थित उमानाथ गंगा घाट पर आज सुबह करीब साढ़े नौ बजे एक बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ गंगा नदी में स्नान करने के दौरान एक 18 वर्षीय युवती की डूबने से मौत हो गई। मृतका की पहचान काजल कुमारी के रूप में हुई है, जो रहुईं थाना क्षेत्र की रहने वाली थी। वह अपने दादा की मृत्यु के बाद आयोजित श्राद्ध कर्म के उपरांत पूरे परिवार के साथ शुद्धिकरण स्नान के लिए घाट पर आई थी।
युवती के पिता सीताराम चौधरी ने बताया कि श्राद्ध कर्म संपन्न होने के बाद परिवार के लगभग 20 से 25 लोग एकजुट होकर उमानाथ गंगा घाट पर पवित्र स्नान के लिए पहुंचे थे। परिवार के सभी सदस्य बारी-बारी से नदी में स्नान करने जा रहे थे। इसी दौरान तीन लड़कियां एक साथ गंगा नदी में स्नान करने के लिए आगे बढ़ीं और अचानक गहरे पानी में जाने के कारण डूबने लगीं।
स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दो लड़कियों को बचाया
लड़कियों को डूबता देख घाट पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत तत्परता दिखाई। मौके पर मौजूद लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद दो लड़कियों को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, 18 वर्षीय काजल कुमारी को नहीं बचाया जा सका और वह गहरे पानी में विलीन हो गई। बाढ़ के थाना प्रभारी (थानाध्यक्ष) ब्रजकिशोर सिंह ने इस दुखद डूबने की घटना की आधिकारिक पुष्टि की है।
काजल की मां ने बताया कि परिवार के बुजुर्ग के निधन के बाद के अंतिम संस्कारों को पूरा करने के लिए ही पूरा परिवार रहुईं से यहाँ आया था। इस आकस्मिक हादसे ने पूरे परिवार की धार्मिक विदाई और शुद्धिकरण के माहौल को गहरे शोक में बदल दिया है।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मौजूदगी के बीच हुआ हादसा
यह दुर्घटना उमानाथ गंगा घाट पर तैनात प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा बलों के सामने घटित हुई। दरअसल, इस घाट पर गुरुवार, 28 मई 2026 को हुए एक अन्य हादसे के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन पहले से ही चल रहा था। गुरुवार को एक नाव पलटने से सात लोग नदी में डूब गए थे, जिनमें से पांच लोगों के शव बरामद हो चुके हैं और दो लोग अब भी लापता हैं।
लापता लोगों की खोजबीन के लिए घटना स्थल पर नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF), स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) की टीमें, स्थानीय अंचलाधिकारी (CO) और भारी पुलिस बल पहले से ही तैनात थे। इस कड़े प्रशासनिक पहरे और जारी रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच ही यह नया हादसा हो गया। भारत मंथन लाइव न्यूज (Bharat Manthan Live News) के अनुसार, स्थानीय प्रशासन अब दोनों आपातकालीन स्थितियों को संभालने और नदी में लापता युवती की तलाश में जुट गया है।
