रांची में शुक्रवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस द्वारा एकतरफा उम्मीदवार घोषित किए जाने से झामुमो को ठेस पहुंची है और गठबंधन के नियमों की अनदेखी की गई है।
राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और झामुमो में तनातनी
झारखंड में राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले सत्तारूढ़ गठबंधन के दो प्रमुख घटक दलों, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस के बीच की तनातनी अब खुलकर सतह पर आ गई है। रांची स्थित पार्टी के कैंप कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने अपनी नाराजगी व्यक्त की।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने सीधे तौर पर कांग्रेस आलाकमान के फैसले पर सवाल खड़े किए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि झारखंड में सरकार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में संचालित हो रही है, इसलिए राज्यसभा प्रत्याशी के चयन का अंतिम निर्णय भी मुख्यमंत्री को ही लेना था।
एकतरफा फैसले से गठबंधन की भावना आहत
प्रेस वार्ता के दौरान महासचिव ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व उम्मीदवार के नाम को लेकर झामुमो से आग्रह या निवेदन कर सकता था, परंतु उन्होंने सीधे निर्णय ले लिया। उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि झामुमो ने कांग्रेस के साथ हमेशा त्याग और एकतरफा समर्पण की भावना के साथ काम किया है, लेकिन इस कदम से पार्टी को दुख पहुंचा है।
संख्या बल के समीकरण पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में 16 विधायकों वाले भी सपना देख रहे हैं और 21 वाले भी, जबकि राज्यसभा सीट के लिए 28 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है।
आठ तारीख को होगी झामुमो प्रत्याशी की घोषणा
प्रेस वार्ता में संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए सुप्रियो भट्टाचार्य ने घोषणा की कि झामुमो आगामी आठ तारीख को दोपहर तीन बजे से पहले अपने आधिकारिक राज्यसभा उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर देगा।
यह रिपोर्ट विनीता चौबे द्वारा भारत मंथन लाइव न्यूज (Bharat Manthan Live News) के लिए तैयार की गई है। इस बयान के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है।
