बिहार के वैशाली जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र में दो वर्षों से चल रहे एक अनोखे प्रेम संबंध का खुलासा होने के बाद ग्रामीणों ने दोनों की शादी करा दी। रिश्ते में मौसी और भांजे लगने वाले ममता कुमारी और गोलू महतो का यह विवाह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
पारिवारिक रिश्तेदारी की आड़ में चल रहा था प्रेम प्रसंग
बिहार के वैशाली जिले से एक ऐसा प्रेम प्रसंग का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सामाजिक और पारिवारिक चर्चा छेड़ दी है। भगवानपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले युवक गोलू महतो और युवती ममता कुमारी के बीच पिछले करीब दो वर्षों से प्रेम संबंध चल रहा था।
दोनों एक-दूसरे को बचपन से जानते थे और पारिवारिक रिश्तेदारी होने के कारण उनका अक्सर मिलना-जुलना होता था। ममता कुमारी स्थानीय निवासी जगलाल महतो की बेटी हैं, जबकि गोलू महतो उनकी बड़ी बेटी का बेटा है। इस पारिवारिक लिहाज से ममता कुमारी रिश्ते में गोलू की सगी मौसी लगती हैं। परिवार और गांव के लोग पहले उनके मिलने-जुलने को सामान्य पारिवारिक संबंध मानते थे, इसलिए कभी किसी को उन पर शक नहीं हुआ।
परिजनों ने कमरे में देखा तो बुलाई गई पंचायत
इस अनोखे मामले का खुलासा तब हुआ जब हाल ही में गोलू अपनी प्रेमिका ममता से मिलने उसके घर आया हुआ था। दोनों घर के एक कमरे में मौजूद थे, तभी अचानक ममता के पिता (जो गोलू के नाना हैं) की नजर उन पर पड़ गई। दोनों को इस स्थिति में देखकर परिवार में हंगामा शुरू हो गया, जिसे सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर एकत्र हो गए।
शुरुआत में दोनों को पारिवारिक और सामाजिक स्तर पर कड़ी फटकार लगाई गई। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे सुलझाने के लिए गांव में एक पंचायत बुलाई गई, जिसमें दोनों पक्षों के परिजनों और प्रबुद्ध ग्रामीणों ने भाग लिया।
मंदिर में संपन्न हुआ दोनों का विवाह
पंचायत के दौरान युवक और युवती दोनों ने एक-दूसरे के साथ रहने और शादी करने की इच्छा जताई। दोनों की जिद और आपसी सहमति को देखते हुए पंचायत व परिजनों ने मिलकर उनकी शादी कराने का निर्णय लिया। इसके बाद स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत की मौजूदगी में गांव के ही एक मंदिर में दोनों का विवाह संपन्न करा दिया गया।
यह रिपोर्ट आलोक पाठक द्वारा भारत मंथन लाइव न्यूज (Bharat Manthan Live News) के लिए तैयार की गई है। इस विवाह के बाद से यह अनोखा रिश्ता पूरे क्षेत्र में लोगों के बीच कौतूहल और चर्चा का मुख्य केंद्र बना हुआ है।
