सिमरिया का पंचायत मॉडल देखने पहुंचे बिहार के 40 मुखिया, विकास योजनाओं को सराहा

बिहार के चालीस मुखिया चतरा के सिमरिया प्रखंड में ग्रामीण विकास और आजीविका योजनाओं का निरीक्षण करते हुए

बिहार के अरवल और औरंगाबाद जिलों से आए 40 चयनित मुखियाओं ने गुरुवार को चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड का दौरा किया। इस अध्ययन भ्रमण का मुख्य उद्देश्य सफल पंचायती राज संस्थाओं, ग्रामीण विकास परियोजनाओं, महिला सशक्तिकरण योजनाओं और स्थानीय आजीविका मॉडलों का जमीनी स्तर पर अवलोकन एवं अध्ययन करना था।

बिहार के मुखियाओं ने जाना चतरा के सिमरिया का विकास मॉडल

पंचायती राज संस्थाओं के सफल मॉडल और ग्रामीण विकास योजनाओं का बारीकी से अध्ययन करने के लिए बिहार के अरवल और औरंगाबाद जिलों के 40 चयनित मुखियाओं का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड पहुंचा। इस दौरान बिहार से आए जनप्रतिनिधियों ने सिमरिया की विभिन्न पंचायतों में चल रही विकास और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी योजनाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अपने जमीनी अनुभव भी साझा किए।

दौरे की शुरुआत में सिमरिया प्रखंड कार्यालय के सभागार में एक स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जिला पंचायती राज पदाधिकारी कुमारी वेदवंती और प्रखंड विकास पदाधिकारी चंद्र देव प्रसाद ने बिहार से आए पूरे प्रतिनिधिमंडल का औपचारिक स्वागत किया। इस मौके पर एदला और जांगी पंचायत के स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी आगत अतिथियों का गर्मजोशी से अभिनंदन किया।

इन आजीविका और महिला सशक्तिकरण परियोजनाओं का किया निरीक्षण

स्वागत बैठक के दौरान सिमरिया के प्रखंड विकास पदाधिकारी ने पंचायतों में संचालित विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों, विकास योजनाओं और पंचायती राज संस्थाओं की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत प्रस्तुति दी। प्रशासनिक अधिकारियों ने इन योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन, जनभागीदारी सुनिश्चित करने के तरीकों और ग्रामीण विकास के विविध तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।

अध्ययन भ्रमण के दौरान बिहार के मुखियाओं को ग्रामीण आजीविका और आय सृजन से जुड़े कई सफल और आत्मनिर्भर मॉडल दिखाए गए। इस निरीक्षण में मुख्य रूप से निम्नलिखित परियोजनाएं शामिल रहीं:

  • अभिसरण (कन्वर्जेंस) के माध्यम से स्थापित की गई सरसों तेल निर्माण इकाई।
  • एदला महिला आजीविका केंद्र।
  • कोरी जांगी में विकसित किया गया मनरेगा पार्क।
  • कुट्टी बानासाडी में सुचारू रूप से संचालित जेंडर रिसोर्स सेंटर।

प्रतिनिधिमंडल को इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार देने और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की पूरी जानकारी दी गई।

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