रांची के नगड़ी में प्रस्तावित रिम्स-2 के निर्माण के विरोध में गुरुवार को आदिवासी संगठनों और नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर रहे प्रदर्शनकारियों को जिला प्रशासन ने सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए कांके ब्लॉक चौक के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।
रिम्स-2 के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, कांके ब्लॉक चौक पर भारी पुलिस बल तैनात
झारखंड की राजधानी रांची के नगड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित रिम्स-2 (RIMS-2) के निर्माण को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। गुरुवार को आदिवासी संगठनों और नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में ग्रामीण किसानों, महिलाओं और युवाओं ने इस परियोजना के खिलाफ सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे थे।
मुख्यमंत्री आवास की तरफ बढ़ रहे इस विशाल जनसमूह को रोकने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने कांके ब्लॉक चौक के पास मजबूत बैरिकेडिंग कर दी थी। प्रदर्शनकारियों के वहां पहुंचते ही उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को कांके प्रखंड कार्यालय की ओर मोड़ने का प्रयास भी किया गया।
उपजाऊ कृषि भूमि और किसानों की आजीविका बचाने की उठी मांग
आंदोलन में शामिल प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि रिम्स-2 के निर्माण के लिए प्रशासन द्वारा जिस भूमि का चयन किया गया है, वह बेहद उपजाऊ कृषि भूमि है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस बहुमूल्य कृषि भूमि पर चिकित्सा संस्थान का निर्माण होने से स्थानीय गरीब किसानों की आजीविका का एकमात्र साधन छिन जाएगा। इसके साथ ही इस निर्माण कार्य से स्थानीय आदिवासी संस्कृति और ग्रामीण जनजीवन पर भी विपरीत और गहरा प्रभाव पड़ेगा।
प्रदर्शनकारियों ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए कहा कि वे क्षेत्र के विकास या चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के विरोधी बिल्कुल नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि किसानों की उपजाऊ और उपजाऊ जमीन पर किसी भी तरह का कंक्रीट निर्माण उन्हें किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा।
प्रशासनिक मुस्तैदी और आंदोलनकारियों से संवाद जारी
मोर्चे की संवेदनशीलता और भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पूरे कांके और नगड़ी क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। एहतियात के तौर पर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल और रैपिड एक्शन कर्मियों की तैनाती की गई है।
तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों और आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों से सीधी बातचीत कर रहे हैं। अधिकारियों द्वारा माहौल को शांतिपूर्ण बनाए रखने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने के प्रयास लगातार जारी हैं। इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और पल-पल की लाइव रिपोर्ट आप भारत मंथन लाइव न्यूज पर पढ़ रहे हैं।
