राजगीर मलमास मेला: अंतिम शाही स्नान में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

बिहार के नालंदा जिले में राजगीर मलमास मेले के अंतिम शाही स्नान के दौरान ब्रह्मकुंड पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

बिहार के नालंदा जिले के अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर में आयोजित ऐतिहासिक मलमास मेले के तहत रविवार को तीसरा एवं अंतिम शाही स्नान संपन्न हो रहा है। इस धार्मिक अवसर पर सुबह से ही लाखों श्रद्धालुओं, साधु-संतों और नागा बाबाओं की भारी भीड़ पवित्र जलधाराओं और कुंडों में आस्था की डुबकी लगा रही है।

राजगीर के पवित्र कुंडों और नदियों में सुबह से ही आस्था की डुबकी

बिहार के नालंदा जिले में स्थित सुप्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर में चल रहे मलमास मेले के दौरान रविवार को तीसरा और अंतिम शाही स्नान श्रद्धापूर्वक संपन्न हो रहा है। इस पावन अवसर पर सुबह की पहली किरण के साथ ही देश के विभिन्न कोनों से आए श्रद्धालुओं, विभिन्न अखाड़ों के साधु-संतों और नागा बाबाओं का हुजूम राजगीर के पवित्र जलस्रोतों की ओर उमड़ पड़ा।

शाही स्नान के मुख्य केंद्र राजगीर की पौराणिक सरस्वती नदी, ब्रह्मकुंड, सतधारा तथा वैतरणी नदी बने हुए हैं। यहां श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। इस महास्नान के दौरान संपूर्ण राजगीर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और पारंपरिक धार्मिक जयघोषों से गूंज उठा, जिससे पूरा माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। सनातन परंपरा के अनुसार साधु-संतों और नागा बाबाओं ने भी पूरे विधि-विधान के साथ पवित्र स्नान की प्रक्रिया पूरी की।

17 मई से 15 जून तक चलने वाले मेले में उमड़े देश-विदेश के पर्यटक

प्रशासनिक स्तर पर दी गई जानकारी के अनुसार, यह ऐतिहासिक मलमास मेला 17 मई से शुरू हुआ था, जो 15 जून तक अनवरत संचालित रहेगा। मेले के इस अंतिम शाही स्नान के अवसर पर राजगीर में आस्था, अटूट श्रद्धा और सनातन धार्मिक परंपरा का एक भव्य और विहंगम संगम देखने को मिल रहा है।

पवित्र स्नान और मेले का यह अलौकिक दृश्य न केवल स्थानीय और भारतीय श्रद्धालुओं के लिए आत्मिक शांति का केंद्र बना हुआ है, बल्कि देश-विदेश से राजगीर पहुंचे अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए भी यह अनूठी सांस्कृतिक विरासत गहरी दिलचस्पी और मुख्य आकर्षण का विषय साबित हो रही है।

प्रशासनिक मुस्तैदी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

लाखों श्रद्धालुओं और साधु-संतों की अप्रत्याशित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए नालंदा जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के बेहद कड़े और व्यापक इंतजाम किए गए हैं। अप्रिय घटनाओं को रोकने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न घाटों, प्रमुख स्नान कुंडों और मेला परिसर के सभी मुख्य रास्तों पर भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है।

स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी निगरानी में साधु-संतों, नागा बाबाओं एवं आम श्रद्धालुओं का यह पवित्र शाही स्नान पूरी तरह से सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा रहा है। इस भव्य धार्मिक समागम की हर सत्यापित और निष्पक्ष रिपोर्ट आप भारत मंथन लाइव न्यूज पर पढ़ रहे हैं।

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