मुंबई के नागरिक निकाय द्वारा संचालित केईएम अस्पताल ने स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे के शो में पुरुष शवों (कैडवेर) पर विवादास्पद टिप्पणी करने के मामले में अपनी स्नातक मेडिकल छात्रा सेजल पवार के खिलाफ दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।
मुंबई के केईएम अस्पताल में मेडिकल छात्रा के खिलाफ जांच कमेटी गठित
मुंबई के प्रसिद्ध नागरिक निकाय संचालित केईएम (KEM) अस्पताल ने अपनी एक अंडरग्रेजुएट एमबीबीएस (MBBS) छात्रा सेजल पवार के खिलाफ दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। यह कार्रवाई छात्रा द्वारा स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे के एक शो के दौरान पुरुष शवों (मेल कैडवेर) को लेकर की गई अत्यधिक विवादास्पद और आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद की गई है।
अस्पताल के डीन डॉ. हरीश एम. पाठक ने छात्रा की इस टिप्पणी को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है। वहीं, मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि मनोरंजन के नाम पर अश्लीलता और घृणास्पद टिप्पणियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप के बाद बढ़ा विवाद
यह विवाद तब सामने आया जब महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने कॉमेडियन प्रणीत मोरे, वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा और अन्य के खिलाफ सोशल मीडिया पर अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के आरोप में मामला दर्ज किया। मोरे और जांगड़ा हरियाणा के गुरुग्राम में आयोजित एक कॉमेडी शो के दौरान की गई टिप्पणियों को लेकर पहले से ही विवादों के केंद्र में हैं।
इसी शो की एक अन्य वीडियो क्लिप में केईएम अस्पताल की छात्रा सेजल पवार शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाने वाले मृत पुरुषों के शवों पर बेहद अपमानजनक टिप्पणियां करती नजर आई थीं। प्राधिकारियों ने इन टिप्पणियों को मृतकों की गरिमा के प्रति अत्यंत अनादरपूर्ण माना है। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद छात्रा ने अपनी इस अभद्र टिप्पणी के लिए माफी भी मांग ली है।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के नियमों के तहत होगी कार्रवाई
भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केईएम अस्पताल प्रबंधन ने दो सदस्यीय जांच समिति बनाई है। इस समिति में अंडरग्रेजुएट हॉस्टल की वार्डन और बायोकैमिस्ट्री विभाग की प्रमुख डॉ. अनिता चालक तथा मेडिसिन विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर और अस्पताल की सोशल मीडिया गतिविधि प्रभारी डॉ. श्रद्धा मोरे शामिल हैं।
केईएम अस्पताल के डीन डॉ. हरीश एम. पाठक ने कहा, “यह टिप्पणी पूरी तरह से अस्वीकार्य है। हम मृतकों के सम्मान को लेकर बेहद संवेदनशील हैं, विशेष रूप से तब जब कोई व्यक्ति बहुत सारी भावनाओं के साथ चिकित्सा शिक्षा के लिए अपना शरीर दान करता है।” उन्होंने बताया कि यह समिति नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) की मौजूदा सोशल मीडिया गाइडलाइंस के आलोक में मामले की जांच कर रही है और अगले एक-दो दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, केईएम महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (MARD) ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि इस विवाद में शामिल व्यक्ति एक एमबीबीएस स्नातक छात्रा है और वह केईएम मार्ड (MARD) की सदस्य नहीं है।
