असम के गुवाहाटी स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ कामाख्या मंदिर में ऐतिहासिक अंबुबाची मेला सोमवार, 22 जून 2026 की रात से शुरू होने जा रहा है। ‘प्रवृत्ति’ के पावन अवसर पर आज रात 9 बजकर 8 मिनट पर मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। इस चार दिवसीय धार्मिक महायोग में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
देवी के वार्षिक रजस्वला चक्र को लेकर बंद होंगे कपाट
गुवाहाटी की नीलाचल पहाड़ियों पर स्थित मां कामाख्या देवालय में सोमवार रात से वार्षिक अंबुबाची मेले का शंखनाद हो रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ‘प्रवृत्ति’ के विशेष समय यानी रात 09:08 बजे से मंदिर के गर्भगृह के कपाट आम भक्तों के लिए बंद कर दिए जाएंगे। मान्यता है कि इसी अवधि के दौरान देवी कामाख्या का वार्षिक रजस्वला (मासिक धर्म) चक्र आरंभ होता है। कामाख्या देवालय के ‘सारू डोलोई’ हिमाद्री शर्मा ने बताया कि ‘निवृत्ति’ के पश्चात 26 जून की सुबह सूर्योदय के बाद मंदिर के द्वार आम जनता के दर्शन के लिए पुनः खोले जाएंगे।
तीन दिन और तीन रात चलेगा महा-यज्ञ
मंदिर प्रशासन के अनुसार, कपाट बंद रहने के दौरान 23, 24 और 25 जून को लगातार तीन दिन और तीन रात तक मंदिर परिसर में महा-यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान देवी भगवती के पवित्र स्नान और विशेष पूजा-अर्चना से जुड़ी गुप्त रस्में निभाई जाएंगी। इसके बाद 26 जून की सुबह मुख्य समारोह आयोजित होगा, जिसके साथ ही भक्त मां के दर्शन कर सकेंगे।
इस वर्ष आठ लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद
कामरूप मेट्रोपॉलिटन ज़िला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष अंबुबाची मेले के दौरान लगभग आठ लाख श्रद्धालुओं के शक्तिपीठ आने का अनुमान है। प्रशासन ने पिछले वर्षों के आंकड़े भी साझा किए:
| वर्ष | कुल श्रद्धालु संख्या | विदेशी नागरिकों की संख्या |
| 2024 | 7,46,066 | 20 |
| 2025 (पिछला वर्ष) | 7,72,019 | 42 |
प्रशासनिक स्तर पर की गई व्यापक तैयारियां
असम की पर्यटन मंत्री अजंता नियोग ने आयोजन की तैयारियों को लेकर जानकारी दी कि राज्य सरकार इस धार्मिक मेले के सुचारू और सुरक्षित संचालन के लिए 24 अलग-अलग सरकारी विभागों के साथ मिलकर काम कर रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तीन बड़े विश्राम कैंप स्थापित किए गए हैं, जहां सुरक्षा, पेयजल और स्वास्थ्य की पुख्ता व्यवस्था है।
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने दी शुभकामनाएं
इस पावन अवसर पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने जगत जननी मां कामाख्या के चरणों में कोटि-कोटि नमन करते हुए देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने प्रार्थना की कि मां कामाख्या की कृपा-दृष्टि सभी के जीवन को सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक शक्ति से सराबोर कर दे।
