लखनऊ/कानपुर: पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक संकट के बीच उत्तर प्रदेश से खाड़ी देशों को होने वाले निर्यात में 56 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शनिवार, 12 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, एमएसएमई क्षेत्र की मजबूती और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना के कारण ‘मेड इन यूपी’ उत्पादों की मांग में तेजी आई है।
प्राथमिक कीवर्ड: Uttar Pradesh Gulf Exports द्वितीयक कीवर्ड: Made in UP Gulf Markets, ODOP Scheme Uttar Pradesh, UP MSME Sector Export
उत्तर प्रदेश से खाड़ी देशों को निर्यात में उछाल लखनऊ और कानपुर से मिली रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव के कारण दुनिया भर में आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है। इस वैश्विक संकट के बावजूद खाड़ी देशों के बाजारों में ‘मेड इन यूपी’ उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। प्रशांत मिश्रा की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश से खाड़ी देशों को होने वाले निर्यात में लगभग 56 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।
कारोबारी परिदृश्य में बदलाव और ओडीओपी योजना का प्रभाव आर्थिक विशेषज्ञ कन्हैया पांडे ने बताया कि खाड़ी देशों की बदलती जरूरतें, भारत के साथ बढ़ते व्यापारिक संबंध, उत्तर प्रदेश में बढ़ता उत्पादन और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) जैसी योजनाएं इस सकारात्मक बदलाव के प्रमुख कारण हैं। एमएसएमई क्षेत्र के मजबूत होने से राज्य के कारोबारी अब विदेशी बाजारों में अपने सामान बेचने के नए अवसर तलाश रहे हैं।
निर्यात आंकड़ों का विश्लेषण और रिकवरी कन्हैया पांडे के अनुसार, जनवरी से मार्च 2026 के बीच उत्तर प्रदेश के खाड़ी देशों में निर्यात में 68.4 प्रतिशत की गिरावट आई थी, जिससे लगभग 1,929 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ था। हालांकि, जून 2026 तक इसमें 56 प्रतिशत की जोरदार रिकवरी दर्ज की गई। इसके बावजूद, पिछले वर्ष की तुलना में कुल निर्यात में अभी भी लगभग 12 प्रतिशत की गिरावट बनी हुई है।
राज्य के कुल निर्यात में हिस्सेदारी और प्रदर्शन वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश से निर्यात किए गए माल का कुल टर्नओवर 22.77 अरब डॉलर रहा, जो वर्ष 2024-25 के 21.98 अरब डॉलर की तुलना में 3.60 प्रतिशत अधिक है। देश के कुल निर्यात में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 5.15 प्रतिशत रही। वहीं, वर्ष 2025-26 के दौरान कपड़े, परिधान और हस्तशिल्प का कुल निर्यात 34,829 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
