केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल और विस्तार की अटकलों के बीच हुई इस मुलाकात को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलों के बीच नई दिल्ली में बड़ी हलचल
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार मुलाकात की। राष्ट्रपति कार्यालय ने इस मुलाकात की एक तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर साझा की है। राष्ट्रपति भवन की पोस्ट में कहा गया कि केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात के बाद तेज हुईं राजनीतिक सरगर्मियां
गौरतलब है कि गृह मंत्री अमित शाह से पहले, मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की थी। शीर्ष नेताओं की राष्ट्रपति से इन बैक-टू-बैक मुलाकातों को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की पुरजोर चर्चा है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Council of Ministers) में फेरबदल और विस्तार अब बेहद करीब है। यह रिपोर्ट भारत मंथन लाइव न्यूज द्वारा तैयार की गई है।
जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह का कार्यकाल खत्म होने से खाली हुए पद
इस संभावित फेरबदल की सुगबुगाहट के पीछे कुछ हालिया इस्तीफे और कार्यकाल की समाप्ति मुख्य वजह हैं। केरल से भाजपा के वरिष्ठ नेता जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्होंने हाल ही में मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है। 65 वर्षीय कुरियन केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री के पद पर थे। भाजपा ने उन्हें दोबारा उच्च सदन नहीं भेजने का फैसला किया, जिसके बाद 21 जून को उनका कार्यकाल समाप्त हो गया।
इसके अलावा, रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह का राज्यसभा कार्यकाल भी 21 जून को समाप्त हो गया है और भाजपा ने उन्हें भी दोबारा राज्यसभा के लिए नामांकित नहीं किया है। अगस्त 2024 से राजस्थान से राज्यसभा सदस्य रहे रवनीत सिंह के पास खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री का भी प्रभार है। इसके साथ ही, कुछ केंद्रीय मंत्रियों को उनके गृह राज्यों में महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियां दी गई हैं, जिससे इस बड़े फेरबदल की संभावनाओं को और बल मिला है।
