बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले को खाली करने के लिए अंतिम नोटिस जारी किया है। विभाग ने उन्हें 29 जून तक आवास खाली करने का समय दिया है, ऐसा न करने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगले को खाली करने का आदेश
बिहार सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बीच सरकारी आवास को लेकर चल रहा विवाद अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। भवन निर्माण विभाग ने पटना के प्रसिद्ध 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले को खाली करने के लिए आखिरी नोटिस थमा दिया है। विभाग द्वारा तय की गई समय सीमा के तहत राबड़ी देवी को 29 जून तक इस आवास को पूरी तरह खाली करना होगा। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय के भीतर बंगला खाली नहीं होने पर नियमों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पहले भी जारी हो चुके हैं कई नोटिस, दिसंबर 2025 में भी दी गई थी सूचना
भवन निर्माण विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई अचानक नहीं की गई है और इससे पहले भी कई बार आवास खाली करने को लेकर आधिकारिक सूचना दी जा चुकी थी। विभाग ने बताया कि पूर्व में दिसंबर 2025 में भी इस संबंध में नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उसके बावजूद बंगला खाली नहीं किया गया। यही कारण है कि अब जारी किए गए इस नए नोटिस को सरकार की तरफ से अंतिम चेतावनी माना जा रहा है।
नए मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित हुआ यह सरकारी आवास
10 सर्कुलर रोड स्थित इस बंगले को खाली कराने के पीछे मुख्य कारण इसका नया आवंटन है। जानकारी के मुताबिक, यह सरकारी आवास अब राज्य सरकार में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किया जा चुका है। नए मंत्री को आवास का प्रभार सौंपने की वजह से ही विभाग द्वारा पुराने आवास को खाली कराने की प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। यह रिपोर्ट भारत मंथन लाइव न्यूज द्वारा तैयार की गई है।
नए आवास को लेकर राबड़ी देवी ने जताई थीं कई आपत्तियां
इस मामले में राबड़ी देवी की ओर से पहले ही भवन निर्माण विभाग को एक पत्र लिखकर नए आवंटित आवास को लेकर कुछ आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। सरकार की तरफ से उन्हें 10 सर्कुलर रोड के बदले 39 हार्डिंग रोड स्थित दूसरा सरकारी आवास आवंटित किया गया है। राबड़ी देवी द्वारा भेजे गए पत्र में बताया गया था कि इस नए आवास में कुछ बेहद जरूरी सुविधाओं की कमी है, जिसके कारण वहां तुरंत शिफ्ट होना व्यावहारिक नहीं है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्र में मुख्य रूप से निम्नलिखित समस्याओं का उल्लेख किया था:
- नए आवास का रसोईघर काफी छोटा है।
- परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की तैनाती के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है।
- परिवार की विशिष्ट जरूरतों के अनुसार इस नए बंगले में कुछ बदलाव किए जाने जरूरी हैं।
इसके साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर जरूरतों का भी विशेष रूप से हवाला दिया था। उनके अनुसार, किडनी ट्रांसप्लांट के बाद लालू प्रसाद यादव को एक ऐसी विशेष व्यवस्था और वातावरण की जरूरत है जहां उनके स्वास्थ्य मानकों और सुरक्षा व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जा सके।
