रांची के इटकी में बनेगा अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, भूमि निरीक्षण शुरू

रांची के इटकी में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की प्रस्तावित 40 एकड़ भूमि का निरीक्षण करते अधिकारी

झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं और आयुर्वेद चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए रांची के इटकी प्रखंड में ‘अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान’ की स्थापना प्रक्रिया तेज हो गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने गुरुवार को प्रस्तावित स्थल का औचक निरीक्षण कर अंचल अधिकारी को 40 एकड़ भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक ने किया प्रस्तावित भूमि का जायजा

रांची: झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं और आयुर्वेद चिकित्सा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार द्वारा देश के तीन राज्यों में ‘अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान’ (All India Institute of Ayurveda) स्थापित करने की घोषणा के बाद रांची में इसे लेकर प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया तेज कर दी गई है। गुरुवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने इटकी प्रखंड पहुंचकर प्रस्तावित भूमि का विस्तृत जायजा लिया।

स्थल निरीक्षण के दौरान अभियान निदेशक ने इटकी के अंचल अधिकारी (CO) को संस्थान के लिए 40 एकड़ भूमि चिह्नित करने और उसकी नापी की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। भारत मन्थन लाइव न्यूज के अनुसार, अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि भूमि की मापी और चिह्नीकरण का कार्य त्वरित गति से किया जाए ताकि जमीन हस्तांतरण और आगे की आधिकारिक कार्यवाही बिना किसी देरी के समय पर पूरी की जा सके।

आयुष चिकित्सा और अनुसंधान को मिलेगा नया विस्तार

स्थल निरीक्षण के उपरांत अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि इस प्रतिष्ठित संस्थान के स्थापित होने से झारखंड में न केवल आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का विस्तार होगा, बल्कि आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान (रिसर्च) और प्रशिक्षण के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि इस संस्थान के क्रियाशील होने के बाद झारखंड के आम नागरिकों को राज्य के भीतर ही उच्च स्तरीय आयुष स्वास्थ्य सेवाओं की आधुनिक सुविधा सुलभ हो सकेगी।

निरीक्षण के दौरान कई प्रशासनिक और स्वास्थ्य अधिकारी रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण स्थल निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे। इनमें इटकी के अंचल अधिकारी (CO), प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), जिला यक्षमा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) सहित विभाग के अन्य कर्मचारी शामिल थे। सभी अधिकारियों ने प्रस्तावित भूमि के तकनीकी और भौगोलिक पहलुओं पर भी चर्चा की ताकि परियोजना को गति दी जा सके।

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