गुमला बाजार में कचरा और कीचड़ से बढ़ी परेशानी, जीर्णोद्धार का इंतजार

गुमला बाजार में बारिश के बाद फैला कीचड़ और कचरा, जीर्णोद्धार की मांग तेज।

गुमला के प्रमुख बाजार की स्थिति लगातार खराब बनी हुई है। 11 जुलाई 2026 को सामने आई तस्वीरों में बाजार में फैले कचरे, बारिश से बने कीचड़ और अव्यवस्थित रास्तों के कारण दुकानदारों, किसानों, व्यापारियों और ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सभी ने बाजार के जल्द जीर्णोद्धार की मांग की है।

गुमला बाजार में कचरा और कीचड़ के बीच जीर्णोद्धार का इंतजार

गुमला जिले का प्रमुख बाजार इन दिनों बदहाल स्थिति से गुजर रहा है। बाजार परिसर में चारों ओर फैले कचरे और लगातार बारिश के कारण बने कीचड़ ने लोगों की आवाजाही मुश्किल कर दी है। पूरे जिले से आने वाले किसान, व्यापारी और ग्राहक इस अव्यवस्था से परेशान हैं और बाजार के जीर्णोद्धार की मांग कर रहे हैं।

गुमला बाजार की बदहाल स्थिति से दुकानदार और ग्राहक परेशान

बाजार टांड़ में चिकन बेचने वाले स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि बरसात के दौरान बाजार की स्थिति और अधिक खराब हो जाती है। जगह-जगह पानी और कीचड़ जमा रहने से लोगों का चलना मुश्किल हो जाता है।

दुकानदारों के अनुसार, गंदगी और कीचड़ के कारण कई ग्राहक बाजार आने से बचते हैं, जिसका सीधा असर उनके व्यवसाय पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गुमला जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले किसान और व्यापारी भी इस समस्या से प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि यह जिला मुख्यालय का प्रमुख बाजार है और बड़ी संख्या में लोग इसी बाजार पर निर्भर रहते हैं।

स्थानीय दुकानदारों ने रखी अपनी बात

स्थानीय दुकानदारों ने बाजार की सफाई, बेहतर सड़क और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि मौजूदा स्थिति से व्यापार और आम लोगों दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

समाजसेवी ने सरकार और नगर परिषद को बताया जिम्मेदार

समाजसेवी सैयदा खातून ने बाजार की वर्तमान स्थिति के लिए सरकार और नगर परिषद को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि लगभग पांच करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार होने के बावजूद अब तक उसे स्वीकृति नहीं मिली है, जिसके कारण जीर्णोद्धार का कार्य शुरू नहीं हो सका।

उन्होंने बताया कि सड़क की खराब स्थिति और बाजार में फैली गंदगी से स्थानीय दुकानदारों, किसानों और अन्य लोगों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है।

नगर परिषद ने फंड की कमी बताई

इस मामले में नगर परिषद गुमला के कार्यपालक पदाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि गुमला बाजार के जीर्णोद्धार के लिए विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव के तहत पूरे बाजार के कायाकल्प की योजना बनाई गई है।

जब उनसे पूछा गया कि एक वर्ष पहले भी इसी तरह का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक काम क्यों शुरू नहीं हुआ, तो उन्होंने फंड की कमी को इसका कारण बताया। उनका कहना था कि पर्याप्त फंड उपलब्ध होने के बाद ही जीर्णोद्धार का कार्य शुरू किया जा सकेगा।

बाजार में अव्यवस्था के बीच कार्रवाई का इंतजार

वर्तमान में बाजार में कचरा, गंदगी और कीचड़ की समस्या बनी हुई है। दुकानदारों और ग्राहकों का कहना है कि बाजार का टेंडर होने और ठेकेदार द्वारा राशि वसूले जाने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। ऐसे में स्थानीय लोग अब बाजार के जीर्णोद्धार और आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए ठोस कदम उठाए जाने का इंतजार कर रहे हैं।


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