अमित राज : गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र के कुगांव गांव में जहरीले सांप के डसने से 9 वर्षीय शिवानी कुमारी की मौत हो गई। गुरुवार को सदर अस्पताल गुमला में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा पर कॉल रिसीव नहीं करने का आरोप लगाते हुए लापरवाही की जांच की मांग की है।
गुमला के कुगांव में सर्पदंश से 9 वर्षीय बच्ची की मौत
गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र के कुगांव गांव निवासी 9 वर्षीय शिवानी कुमारी की जहरीले सांप के डसने से मौत हो गई। मृतका के पिता महावीर उरांव हैं। घटना बुधवार देर रात की बताई गई है।
परिजनों के अनुसार, बुधवार रात भोजन करने के बाद शिवानी अपनी मां के साथ सो रही थी। देर रात करीब 12 से 1 बजे के बीच उसने पैर में तेज दर्द की शिकायत की। शुरुआत में परिजनों को सर्पदंश का अंदेशा नहीं हुआ और उसकी मां ने पैर में तेल लगाकर मालिश की, लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी।
निजी वाहन से अस्पताल ले जानी पड़ी बच्ची
बच्ची की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने ग्रामीणों को जगाकर मदद मांगी। उन्होंने 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
इसके बाद ग्रामीणों की मदद से निजी वाहन की व्यवस्था कर शिवानी को घाघरा उप-स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया।
सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने किया मृत घोषित
गुरुवार सुबह परिजन शिवानी को सदर अस्पताल गुमला लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सक डॉ. आशिम मिंज ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
डॉ. आशिम मिंज के अनुसार, बच्ची की मौत जहरीले सांप के डसने के कारण हुई है।
पुलिस ने कराई पोस्टमार्टम की प्रक्रिया
घटना की सूचना मिलने के बाद गुमला थाना के एसआई विनय कुमार महतो सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव का पोस्टमार्टम कराया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा पर लगाया लापरवाही का आरोप
घटना के बाद मृतका के परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि घटना के तुरंत बाद ग्रामीण सोहन बड़ाईक और वार्ड सदस्य आरती देवी ने 108 एंबुलेंस सेवा पर 10 से 12 बार फोन किया, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया।
परिजनों के अनुसार, काफी देर इंतजार के बाद मजबूरी में निजी वाहन से बच्ची को घाघरा उप-स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से उसे गुमला रेफर किया गया, लेकिन इलाज में हुई देरी के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
परिजनों ने मामले की जांच कर इस घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
