अजमेर में 19 जुलाई को सरकारी इमारतों को बम से उड़ाने की झूठी ईमेल भेजने के मामले में पुलिस ने गुजरात से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने पूर्व किराएदार को झूठे मामले में फंसाने और निजी दुश्मनी निकालने के इरादे से उसके नाम का इस्तेमाल कर यह धमकी भरी ईमेल भेजी थी।
अजमेर में बम की झूठी धमकी का मामला: निजी रंजिश में रची गई साजिश
अजमेर की प्रमुख सरकारी इमारतों को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। भारत मंथन लाइव न्यूज के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए गुजरात के गिर सोमनाथ जिले से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
पूर्व किराएदार को फंसाने के लिए रची साजिश
अजमेर के पुलिस अधीक्षक (SP) हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि 19 जुलाई को एक ईमेल प्राप्त हुआ था, जिसमें नए कोर्ट भवन, सर्किट हाउस और कलेक्ट्रेट कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। ईमेल में भेजने वाले ने अपना नाम हारून गोहिल बताया था। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों ने तलाशी ली, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
सत्र न्यायालय के प्रथम श्रेणी लिपिक की शिकायत पर सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज किया गया। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने गुजरात के प्रभास पाटन निवासी फालदू हार्दिक पटेल को हिरासत में लिया।
“जांच से स्पष्ट हुआ है कि आरोपी का मकसद हारून गोहिल को आपराधिक मामले में फंसाना था। इसके पीछे की वजह दोनों के बीच की आपसी रंजिश थी।” — हर्षवर्धन अग्रवाल, SP अजमेर
गूगल सर्च के जरिए चुने गए थे ठिकाने
पुलिस पूछताछ में आरोपी हार्दिक पटेल ने स्वीकार किया कि उसने सोमनाथ स्थित अपने होटल के पूर्व किराएदार हारून गोहिल से बदला लेने के लिए यह योजना बनाई थी। उसने गूगल पर ‘अजमेर’ सर्च करके तीन सरकारी इमारतों के आधिकारिक ईमेल पते खोजे और गोहिल के नाम से धमकी भरे संदेश भेज दिए।
पुलिस ने आरोपी के पास से धमकी भरा ईमेल बरामद कर लिया है। आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस हिरासत में ले लिया गया है, जहां उससे अन्य स्थानों पर ऐसे संदेश भेजने को लेकर पूछताछ की जा रही है।
