नई दिल्ली: पेपर लीक पर सख्त कानून, दोषियों को 10 साल जेल और 10 करोड़ जुर्माना

नई दिल्ली में पेपर लीक पर नए संशोधन विधेयक के तहत सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान

नई दिल्ली में केंद्र सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और गड़बड़ी रोकने के लिए पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है। इस प्रस्तावित कानून के तहत दोषियों को अधिकतम 10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इसे संसद में पेश करेंगे।

पेपर लीक रोकने के लिए केंद्र सरकार का कड़ा रुख

नई दिल्ली स्थित केंद्र सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक मामलों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस नए संशोधन का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता को बहाल करना है।

प्रस्तावित कानून के तहत पेपर लीक जैसी अनियमितताओं में शामिल पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ अत्यधिक कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। दोषियों को अधिकतम 10 वर्ष तक के कारावास की सजा और 10 करोड़ रुपये तक का भारी आर्थिक जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट और 3 महीने में फैसले का प्रावधान

इस नए विधेयक में मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। ऐसे अपराधों से जुड़े मुकदमों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक अदालतों में आयोजित की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि मामलों की न्यायिक प्रक्रिया पूरी कर तीन महीने के भीतर फैसला सुनाया जाए।

इसके अतिरिक्त, संगठित तरीके से पेपर लीक कराने वाले गिरोहों, सॉल्वर गैंग और पूरे नेटवर्क पर भी शिकंजा कसा जाएगा। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा सोमवार को इस महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक को संसद में पेश किए जाने की संभावना है।

अभ्यर्थियों का विश्वास बहाल करने की पहल

केंद्र सरकार का मानना है कि इस कानून से परीक्षाओं की साख मजबूत होगी। देश के लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों और भूमाफियाओं के खिलाफ यह एक बड़ा निवारक कदम साबित होगा।

नया कानून लागू होने से संघ लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी जैसी संस्थाओं द्वारा आयोजित परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित होगी।

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