विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सीएम साय ने दिए एकता के संदेश

रायपुर में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के संचालनालय पुरातत्व स्थित मुक्ताकाशी मंच में आयोजित ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विभाजन की पीड़ा से सीख लेकर देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखना हम सभी का दायित्व है। इस दौरान विस्थापित परिवारों के संघर्ष को नमन किया गया।

रायपुर में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का राज्य स्तरीय समारोह आयोजित

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित संचालनालय पुरातत्व के मुक्ताकाशी मंच में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ का राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और वर्ष 1947 के विभाजन की त्रासदी में अपने प्राण गंवाने वाले लोगों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।

समारोह के दौरान विभाजन का दंश झेलने वाले परिवारों के अदम्य साहस, संघर्ष और धैर्य को नमन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास केवल अतीत की घटनाओं का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि यह वर्तमान को सही दिशा देने और भविष्य को सुरक्षित बनाने की सीख भी प्रदान करता है।

विभाजन केवल सीमाओं का नहीं, लाखों परिवारों का बंटवारा था: CM साय

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वर्ष 1947 में हुआ भारत का विभाजन केवल भू-भाग या भौगोलिक सीमाओं का बंटवारा नहीं था। इस भीषण त्रासदी ने लाखों लोगों को अपनी मातृभूमि, घर-बार और परिजनों से हमेशा के लिए बिछड़ने पर मजबूर कर दिया था।

उन्होंने रेखांकित किया कि बंगाली, सिख और सिंधी समाज सहित कई अन्य समुदायों के लाखों परिवारों ने विस्थापन की असहनीय पीड़ा झेली। यद्यपि उस दौर की भयावहता को अपनी आंखों से देखने वाले अधिकांश लोग आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके परिवारों और भावी पीढ़ियों के मन में वह वेदना आज भी जीवित है।

विस्थापित परिवारों का संघर्ष एवं पुनरुत्थान प्रेरणादायी

मुख्यमंत्री ने विस्थापित परिवारों की जीवटता की सराहना करते हुए कहा कि विभाजन के कारण विस्थापित हुए लोगों ने बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना किया। सब कुछ गंवा देने के बाद भी उन्होंने नए स्थानों पर शून्य से अपने जीवन की पुन शुरुआत की।

अपने अथक परिश्रम और पुरुषार्थ से इन परिवारों ने खुद को पुनः स्थापित किया और देश व समाज के नवनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत मंथन लाइव न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन की विभीषिका से मिला सबक हमें हर परिस्थिति में देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने की प्रेरणा देता है।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *