रेलवे यूपीआई टिकट बुकिंग: 15 अक्टूबर से लागू होगा ₹5 एमडीआर का नया नियम

भारतीय रेलवे यूपीआई टिकट बुकिंग नियम बदलाव 15 अक्टूबर से लागू खबर

भारतीय रेलवे में यू-पी-आई (UPI) से ट्रेन टिकट बुक करने वाले यात्रियों के लिए 15 अक्टूबर 2026 से नया नियम लागू होने जा रहा है। कोटा मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन के अनुसार, 2,000 रुपये से अधिक के रेलवे टिकट पर 0.4 प्रतिशत के बजाय 5 रुपये का फ्लैट मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू होगा, जिसका कोई अतिरिक्त बोझ यात्रियों पर नहीं पड़ेगा।

15 अक्टूबर से लागू होगा रेलवे यूपीआई टिकट बुकिंग का नया नियम

भारतीय रेलवे में यू-पी-आई माध्यम से टिकट बुक कराने वाले यात्रियों के लिए 15 अक्टूबर 2026 से भुगतान संबंधी नियमों में बदलाव होने जा रहा है। नए नियम के तहत 2,000 रुपये से अधिक मूल्य के ट्रेन टिकट की यू-पी-आई बुकिंग पर अब 0.4 प्रतिशत के बजाय 5 रुपये का फ्लैट मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू किया जाएगा।

इस व्यवस्था से यात्रियों की जेब पर कोई अतिरिक्त वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह शुल्क मर्चेंट यानी भुगतान प्राप्त करने वाली संस्था पर लागू होता है।

यात्रियों को नहीं देना होगा कोई अतिरिक्त शुल्क

कोटा मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr DCM) सौरभ जैन ने स्पष्ट किया कि 2,000 रुपये से अधिक के रेलवे टिकट की यू-पी-आई बुकिंग पर यात्रियों से अलग से 5 रुपये नहीं लिए जाएंगे।

यदि किसी ट्रेन टिकट की कुल कीमत 3,000 रुपये है, तो यात्री को केवल 3,000 रुपये का ही भुगतान करना होगा। नए एमडीआर प्रावधानों के कारण यात्री से 3,005 रुपये नहीं वसूले जाएंगे।

2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर नई दरें

नियमों के अनुसार रेलवे टिकट बुकिंग को टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल और यूटिलिटी पेमेंट जैसी विशेष श्रेणियों में शामिल किया गया है:

  • 2,000 रुपये तक यू-पी-आई भुगतान: कोई एमडीआर (MDR) लागू नहीं होगा।
  • 2,000 रुपये से अधिक सामान्य मर्चेंट भुगतान: 0.4 प्रतिशत एमडीआर लागू रहेगा।
  • 2,000 रुपये से अधिक रेलवे टिकट बुकिंग: केवल 5 रुपये का फ्लैट एमडीआर लगेगा।
  • उपभोक्ता प्रावधान: यात्री से अलग से एमडीआर वसूलने का कोई नियम नहीं है।

उदाहरण के लिए, 10,000 रुपये के सामान्य मर्चेंट भुगतान पर 0.4 प्रतिशत के हिसाब से 40 रुपये एमडीआर बनता है, जबकि 10,000 रुपये के रेलवे टिकट पर यह शुल्क मात्र 5 रुपये ही रहेगा।

रेलवे की भुगतान प्रोसेसिंग लागत पर प्रभाव

बड़ी संख्या में यू-पी-आई से टिकट बुक होने के कारण रेलवे के लिए कुल भुगतान प्रोसेसिंग लागत में वृद्धि हो सकती है। यदि रोजाना 2,000 रुपये से अधिक कीमत वाले 1 लाख टिकट यू-पी-आई से बुक होते हैं, तो 5 रुपये एमडीआर के हिसाब से प्रतिदिन लगभग 5 लाख रुपये और सालाना करीब 18.25 करोड़ रुपये का खर्च आ सकता है।

वास्तविक वित्तीय प्रभाव यू-पी-आई से होने वाले कुल टिकटों की संख्या और रेलवे, आई-आर-सी-टी-सी (IRCTC), बैंकों तथा पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच लागत बंटवारे पर निर्भर करेगा।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *